फिल्‍म शोले के  निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी बने एमईएससी के चेयरमैन

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नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा को ‘शोले’ जैसी एक यादगार फिल्म देने वाले निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी को मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल (एमईएससी) का चेयरमैन नियुक्‍त किया गया है। मुंबई में आयोजित गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। बतौर चेयरमैन एमईएससी के संचालन की देखरेख के साथ देश में मीडिया और मनोरंजन उद्योग और इसके स्किल इकोसिस्टम के विकास से संबंधित राजनीतिक मुद्दों पर गवर्निंग काउंसिल के साथ मिलकर काम करेंगे।

बता दें कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, एमईएससी में 150+ से अधिक संबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर, 1000+ कुल प्रमाणित प्रशिक्षक, 24+ मूल्यांकन एजेंसियां मीकैट (मीडिया एंड इंटेर्टेन्मेंट क्रिएटिव एप्टीट्यूट टेस्ट) पैनल में शामिल है। एमईएससी द्वारा 7,00,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिया जा चुका है।

नवनियुक्त अध्यक्ष, श्री रमेश सिप्पी ने कहा: “ओटीटी, गेमिंग, एनिमेशन और वीएफएक्स आदि सहित मीडिया और मनोरंजन उद्योग के सभी सेक्‍टर तेजी से बढ़ रहा है। हमारा फोकस वैश्विक मानक के अनुसार भारतीय मीडिया एंड एंटरनेटमेंट उद्योग के लिए कुशल संसाधन और उद्यमी तैयार करना है।

उन्‍होंने बताया कि जैसा कि एमईएससी द्वारा 12 सब-सेक्‍टरों के लिए 100 से अधिक स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे है। इन स्किल ट्रेनिंग में लाइव प्रोजेक्‍ट के जरिये युवाओं को काम करने का अवसर देने की कोशिश होगी। जिससे इंडस्‍ट्री को एक कुशल व्‍यक्ति मिलेगा, जबकि युवा इंडस्‍ट्री में काम करने का सलीका सीख सकेंगे। इससे युवाओं को रोजगार हासिल करने में मदद मिलेगी।

रमेश सिप्पी एक फिल्मकार के रूप में बड़े बजट, बहुल सितारा और भव्य पैमाने की फिल्म पूरे परफेक्शन के साथ निर्देशित करने के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने फिल्म और टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट, फिक्की के मीडिया और मनोरंजन प्रभाग के को-चेयरमैन, और एनएफडीसी के चेयरमैन के रूप में रह चुके हैं। इसके अलावा वह मुंबई अकादमी ऑफ मूविंग इमेज के सह-संस्थापक रह चुके हैं और 15 से अधिक वर्षों तक काम किया। वह इंटरनेशनल इंडियन फिल्‍म अकादमी (आईआईएफए) के सलाहकार बोर्ड में भी कार्य करते हैं।

एमईएससी के सीईओ मोहित सोनी ने कहा कि “एक अत्याधिक प्रशंसित फिल्म निर्देशक और निर्माता होने के अलावा, वह एक प्रतिभाशाली कहानीकार और एक मास्टर शिल्पकार हैं। उन्होंने भारतीय सिनेमा को 70 मिमी और स्टीरियोफोनिक ध्वनि सहित कई नई फिल्म निर्माण तकनीकों से परिचित कराया। उन्‍होंने कहा कि श्री रमेश सिप्पी के नेतृत्‍व में एमईएससी कौशल विकास के क्षेत्र में नई बुलंदियों पर पहुंचेगा। इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स इंडस्‍ट्री के उनके अनुभव, नवाचार के प्रति लगन, ज्ञान और दूरदर्शिता का लाभ एमईएससी को मिलेगा और कौशल विकास के क्षेत्र में हम एक कीर्तिमान स्‍थापित करने के लिए उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे।

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