विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर दिया बल

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Faridabad News, 17 Nov 2019 : अकादमिक-औद्योगिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग ने अकादमिक-औद्योगिक सम्मेलन-2019 का आयोजन किया। इस बैठक में प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न उद्योगों के 19 प्रतिनिधियों और संकाय सदस्यों ने हिस्सा लिया।

बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए सम्मेलन मेें प्रो. सुरेश बेदी और प्रबंधन अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष निगम ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा उद्योग प्रतिनिधियों ने अपना परिचय दिया। प्रो. सुरेश बेदी ने सम्मेलन के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी।

अपने अध्यक्षीय भाषण में, कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने प्रबंधन अध्ययन और अनुसंधान के क्षेत्र में अकादमिक-औद्योगिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए जहां विश्वविद्यालय उद्योग को परामर्श सहायता प्रदान कर सकता हैं।

बैठक के दौरान, विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने संकाय सदस्यों को औद्योगिक भ्रमण करने और ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने का सुझाव दिया जिसमें विश्वविद्यालय परामर्श सेवाएं प्रदान कर सकता है। उन्होंने संकाय सदस्यों को पेशेवर रूप से विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशेषज्ञों ने विभागीय संकाय को कंपनियों से इनपुट लेने, विशेष रूप से गैर-महानगरों में उन क्षेत्रों की पहचान करने का सुझाव भी दिया जिनमें प्रबंधन विकास कार्यक्रम शुरू किये जा सकते हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि प्रबंधन के विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप की बजाये दाखिले बाद बाद से ही कंपनियों के साथ जोड़ने की आवश्यकता है ताकिक उन्हें दो साल के पूरे कार्यकाल के दौरान औद्योगिक अनुभव मिले। इसके अलावा, विभाग को उद्योग के साथ परस्पर हितों के दृष्टिगत इंटर्नशिप को लेकर नियमित बातचीत करनी चाहिए।

औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए बैठक में सुझाव दिया गया कि विद्यार्थियों को ऐसे भ्रमण पर छोटे समूहों में भेजा जाये ताकि संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में ऐसे भ्रमण के अपेक्षित परिणाम हासिल हो सके।

इस अवसर पर विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल करते हुए विभाग ने ऐसे अकादमिक-औद्योगिक सम्मेलन नियमित आधार पर आयोजित करने का निर्णय लिया।

बैठक में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किये और विद्यार्थियों से बातचीत की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपने स्टार्ट-अप स्थापित करने और पसंदीदा नौकरी के लिए खुद को तैयार करने के जरूरी टिप्स दिये। बैठक के आयोजन में विश्वविद्यालय के कैरियर परामर्श प्रकोष्ठ ने भी सहयोग दिया।

इस बैठक में नवनीत गुम्बर, एसएनजी मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड, डॉ. पूर्णिमा राव, हेड ऑपरेशंस, क्यूआरजी हॉस्पिटल, सतीश मोहन, एवीपी, इंडसइंड बैंक, सकशम शर्मा, डिजिटल मार्केट, फिलिप्स इंडिया, नीलम सिंह, एचआर प्रमुख, सर्वोदय अस्पताल, सुभाष जगोता, सीईओ, ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस, उमेश गुलाटी, युवा इंजीनियर, संजय सिंघल, सीएनबीसी नेटवर्क 18, राकेश सेठी, चेयरमैन, विश्व प्रकाश मिशन, राम, अनका इंडिया लिमेटिड, भूपेंद्र सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर, अक्सेटरिया, अविनाश सलूजा, सीमेंस, एसएन बंसल, डीजीएम मार्केटिंग, नॉर बरमेज, उमेश श्रीवास्तव, सीजीएम, इंडियन ऑयल आरएंडडी, राज भाटिया, बोनी पॉलिमर (पी) लिमिटेड, मंदीप सिंह, डीजीएम, भारती एयरटेल, जया, आईएमएसएमईइंडिय, रमन त्रिखा, बॉलीवुड सेलिब्रिटी और गौरव सहगल, आरबीएल बैंक उपस्थित थे।

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