देश के उत्तरीय राज्यों में भावना परिवर्तन आवश्यक : CM मनोहर लाल

0
839

Chandigarh News : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सहकारिता को लेकर देश के उत्तरीय राज्यों में भावना परिवर्तन को आवश्यक बताया है। एक सबके लिए, सबके लिए एक की भावना के साथ काम करने से सहकारिता को बढ़ावा मिलेगा।

ट्रेनिंग ऑफ पर्सनल इन को-आपरेटिव (टॉपिक) इंस्टीट्यूट को विस्तार देते हुए संस्थान का नाम लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं विकास अकादमी कर दिया गया। भारत सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं विकास अकादमी का शुभारंभ किया तथा सरसंघचालक की उपस्थिति में अकादमी परिसर में सहकार भारती के संस्थापक एवं सहकारिता के प्रणेता लक्ष्मणराव अकादमी की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, सहकारिता राज्य मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला, सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता, मार्गदर्शक बजरंग लाल गुप्ता, संरक्षक सतीश मराठे, महामंत्री उदय जोशी, राष्ट्रीय सहकारी विकास निमग के प्रबंध निदेशक संदीप नायक आदि गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सहकारिता के लाभ व संसाधनों के उपयोग की जानकारी अधिक से अधिक सामने लानी चाहिए। यह आंदोलन देश के अनेक राज्यों में बेहद सफल साबित हुआ है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के तहत देश भर में 8.33 लाख सहकारी समितियां पंजीकृत है। जबकि देश के उत्तरीय राज्य जिनमें जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चण्डीगढ़, उत्तर प्रदेश व हरियाणा में पंजीकृत समितियों की कुल संख्या 40 हजार है। अकेले महाराष्ट्र राज्य में 2.45 हजार समिति पंजीकृत है। ऐसे में देश के उत्तरीय राज्यों में सहकारिता की भावना को लेकर परिवर्तन की अत्यंत आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले वर्ष पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्म का शताब्दी वर्ष मनाते हुए अंत्योदय की भावना पर काम किया है। अंत्योदय व सहकारिता का लक्ष्य एक ही है। ऐसे में इस साल सहकारिता पर काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहकारिता के जरिए ही युवाओं, महिलाओं के लिए रोजगार व लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सहकार भारती के संस्थापक लक्ष्मणराव इनामदार का जिक्र करते हुए बताया कि 1978 में गणेश चतुर्थी के दिन इस संस्था की नीवं रखी गई थी। जिस प्रकार एक कारीगर की पहचान उसकी तैयार की गई मूर्ति से होती है उसी तरह लक्ष्मणराव इनामदार के बनाए गए स्वयंसेवक श्री नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री है। ऐसे में उनके व्यक्तित्व की ऊंचाई का सहज ही आंकलन किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here