केवल डिग्री नहीं, कौशल से मिलेगा रोजगार : प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad News, 13 Jan 2020 :  जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने की बजाये वास्तविक इंजीनियरिंग कौशल हासिल करने का आह्वान किया और कहा कि इंजीनियरिंग की डिग्री से नौकरी तो हासिल की जा सकती है लेकिन करियर में आगे बढ़ने के लिए इंजीनियरिंग कौशल का होना बेहद जरूरी है।

कुलपति प्रो. दिनेश कुमार आज सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा राजकीय इंजीनियरिंग कालेज अम्बेडकर नगर (उत्तरप्रदेश ) ke सहयोग से जीआईएस एवं सर्वेक्षण पर टीईक्यूआईपी ट्विनिंग कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उद्घाटन सत्र में प्रो. बीआर चौहान, निर्माण उद्योग विकास परिषद (सीआईडीसी) के वरिष्ठ सलाहकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर सीआईडीसी के महाप्रबंधक श्री प्रवीण तिवारी भी उपस्थित थे।

कुलपति ने कहा कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग की तुलना में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स वास्तविक अर्थों में इंजीनियरिंग की शाखाएं हैं लेकिन, रोजगार के मौजूदा अवसरों के कारण हर दूसरा छात्र कंप्यूटर इंजीनियरिंग से पीछे है। उन्होंने वाईएमसीए इंजीनियरिंग संस्थान के मैकेनिकल और टूल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्रों की सफलता के उदाहरण देते हुए कहा कि विद्यार्थी खुद में रोजगार के लिए जरूरी कौशल, तकनीकी ज्ञान और क्षमताएं विकसित करें। कार्यशाला के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण सिविल इंजीनियरिंग की एक महत्वपूर्ण गतिविधि है, इसलिए, विद्यार्थियों को जीआईएस और सर्वेक्षण तकनीकों को सीखना चाहिए।
कुलपति ने प्रत्येक सेमेस्टर में विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक स्मारकों, प्रमुख इमारतों और प्रमुख निर्माण परियोजनाओं के शैक्षिक भ्रमण की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि वे प्राचीन और आधुनिक इंजीनियरिंग का वास्तविक ज्ञान प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो.बी.आर. चौहान ने उद्योग और शिक्षा के बीच के अंतराल को भरने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. चौहान ने कहा कि आमतौर पर यह देखा जाता है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद अच्छी प्लेसमेंट मिल जाती है, लेकिन कौशल और ज्ञान की कमी के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने कुलपति के विचारों का समर्थन किया कि कौशल के बिना डिग्री का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल में सुधार के लिए विश्वविद्यालय द्वारा कार्यशाला के आयोजन करने की गई पहल की सराहना की।
इससे पहले, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष, प्रो एम.एल. अग्रवाल ने गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कार्यशाला और विभागीय गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। कार्यशाला में विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सौ से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

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