कंसाई नेरोलैक ने इंदिरा भवन को महाकुंभ की विरासत के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में रूपांतरित किया

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New Delhi News, 28 Jan 2019 : महाकुंभ भारत में मनाया जाने वाली सबसे बड़ी और पावन सामूहिक गतिविधि है। जीवन को रूपांतरित करते हुए भारत को बदलने के प्रयास में, भारत की प्रमुख पेंट कंपनियों और हेल्दी होम पेंट्स के अग्रदूतों में से एक, कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड (केएनपीएल), ने कुंभ 2019 की थीम के साथ जोड़ते हुए इंदिरा भवन को एक नये सौंदर्य से सुशोभित किया है, जिसका गवाह 2019 के जनवरी से मार्च के महीने तक पूरा शहर रहेगा। प्रयागराज के सिविल लाइंस में स्थित इंदिरा भवन में कला-चित्रण महाकुंभ के शुभ अवसर पर संतों, साधुओं और तीर्थयात्रियों की याद में किया गया है।

कंसाई नेरोलैक रूपांतरण और पर्यावरण संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हुए प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो और ग्राहक जागरूकता अभियानों के माध्यम से अपने ग्राहकों के साथ प्रभावी रूप से मौजूद रहा। साधु भित्ति चित्र, महाकुंभ के उत्सव के अवसर पर प्रयागराज को रूपांतरित करने और सुशोभित करने की ही सोच का प्रतीक है। कुंभ मेले के सामाजिक पहलू से प्रेरित होकर किया गया चित्रांकन महाकुंभ में जीवन, आध्यात्मिकता, आनंद और मानव मिलन की सदियों पुरानी विरासत के अद्वितीय तत्वों को प्रदर्शित करता है।

इस अवसर पर, कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड के जीएम-मार्केटिंग, श्री पीयूष बचलौस ने कहा कि जैसा कि पाब्लो पिकासो ने कहा था, कला का उद्देश्य अपनी आत्माओं से दैनिक जीवन की धूल को हटाना है। कुंभमेला लाखों भक्तों द्वारा अनुग्रहित होता है, जो पावन ‘त्रिवेणी संगम’ पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए सभी संस्कृतियों और क्षेत्रों से तीर्थयात्रा केंद्र की यात्रा करते हैं। महाकुंभ की इस भावना को दर्शाते हुए और जीवन में बदलाव लाकर भारत को बदलने की अपनी धारणा के साथ तालमेल बिठाते हुए, कंसाई नेरोलैक के हम लोगों ने शहरध्त्योहार के लिए श्रद्धांजलि देकर अपने ग्राहकों से जुडऩे का सौभाग्यभ पाया है।

युवा फाउंडेशन के संस्थापक और कुम्भ आर्ट फेस्टिवल के क्यूरेटर श्री शांतनु गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि हमारे लिए कंसाई नेरोलैक के साथ भागीदारी करना और कुंभ का हिस्सा बनना अति प्रसन्न ता की बात है। हमने नेरोलैक रंगों के माध्यम से कुंभ की भावना को आत्मसात करने की कोशिश की है, और इसका उपयोग हमने इंदिरा भवन के अग्रभाग पर बनाये गये भित्ति चित्र में किया है। पिछले कुछ वर्षों में शहरी क्षेत्रों में कलात्मक सौंदर्य शास्त्र और इसकी वजह से हमारे देश के शहरों को मिलने वाले विजुअल अपील पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। और इसलिए इस चलन को बदलने के लिए हमारी टीम त्योहारों के दौरान बड़े पैमाने पर दीवार कला लेखन को देख रही है। रु।लवकीलं।तजथ्मेजऔर रुज्ञनउइी।तजथ्मेज के अंतर्गत, हमने क्रमश: अयोध्या और प्रयाग में सार्वजनिक और निजी दीवारों पर सांस्कृतिक कलाकृतियां बनाई हैं।

भवन के 30,000 वर्ग फुट क्षेत्र पर पेंटिंग करने के अलावा, कंसाई नेरोलैक ने प्रयागराज शहर को सुशोभित करने में दिल्ली स्ट्रीट आर्ट के साथ सक्रिय रूप से भाग लिया है और शहर की 10,000 वर्ग फुट दीवारों पर पेंटिंग किया है। नेरोलैक अपने पेंट व्यापार डीलर नेटवर्क से व्यापक समर्थन के साथ-साथ वितरण केंद्रों के रूप में भी काम करेगा, औरगंगा नदी से पवित्र-जल ले जाने के लिए श्रद्धालुओं को 3 लाख अनुकूलित डिब्बे उपलब्ध कराएगा। डिब्बाबंद जल की शुद्धता को बनाये रखने के लिए, इनमें पवित्र गंगा को शुद्ध करने के उद्देश्य से फिटकरी से बने शंख रखे जायेंगे।

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