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बीके सिविल अस्पताल में शुरू हुई ऑर्थोडॉन्टिक्स सेवा से मरीजों को मिल रही बड़ी राहत
- टेढ़े-मेढ़े दांतों और जबड़ों की समस्याओं का अब सरकारी अस्पताल में हो रहा विशेषज्ञ उपचार
फरीदाबाद, 11 जून। जिला फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में शुरू की गई ऑर्थोडॉन्टिक्स (दांतों की सीधाई एवं ब्रेसेस) सेवा का लाभ अब मरीजों को मिलने लगा है। इस सुविधा के शुरू होने से टेढ़े-मेढ़े दांत, दांतों के बीच गैप, जबड़ों की असामान्य बनावट तथा दांतों के टेढ़े-मेढ़े होने वाली समस्याओं के उपचार के लिए अब निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जयंत आहूजा निर्देशन में शुरू की गई इस विशेष सेवा के अंतर्गत वर्तमान में करीब 15 मरीजों का उपचार चल रहा है।
बीके सिविल अस्पताल में नियुक्त ऑर्थोडॉन्टिस्ट डॉ. मीनू द्वारा मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ दंत शल्य चिकित्सक (सीनियर डेंटल सर्जन) डॉ. वंदना अरोड़ा ने बताया कि ऑर्थोडॉन्टिक्स उपचार के माध्यम से दांतों की बनावट और जबड़ों के संरेखण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ब्रेसेस लगाने और दांतों को सही स्थिति में लाने की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य आमजन को बेहतर, आधुनिक एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध कराना है। बीके सिविल अस्पताल में ऑर्थोडॉन्टिक्स सेवा शुरू होने से जिले के नागरिकों को विशेषज्ञ दंत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हुई हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मरीजों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के प्रयास जारी रहेंगे।
सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने लोगों से नियमित दंत जांच कराने, मौखिक स्वच्छता बनाए रखने तथा दांतों एवं मुख संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से दंत रोगों की रोकथाम संभव है तथा बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है। बीके सिविल अस्पताल में शुरू हुई यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि अब उन्हें महंगे निजी उपचार पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।