बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन सतर्क, हर सूचना पर होगी त्वरित कार्रवाई : डीसी

- डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में मंदिरों और गुरुद्वारे में चलाया गया बाल विवाह विरोधी अभियान

- डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में दिलाई गई बाल विवाह न करने की शपथ


फरीदाबाद, 14 जनवरी।
भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज गांव खेड़ी कलां ब्लॉक एफ, बी, डी, आर, गांव रायपुर कलां में गुरुद्वारा, जवाहर कॉलोनी ब्लॉक एनआईटी जोन और भूड़ कॉलोनी में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान वहां उपस्थित आमजन को यह शपथ भी दिलाई गयी कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह के खिलाफ कानून की सख्त व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत यह कृत्य एक गंभीर दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि इस अपराध में केवल बालक-बालिका के माता-पिता ही नहीं, बल्कि आयोजन में शामिल रिश्तेदार, मध्यस्थ और सहयोगी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं और उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कानून के बावजूद सामाजिक जागरूकता की कमी, रूढ़िवादी परंपराएं और सामाजिक दबाव के चलते कुछ क्षेत्रों में अब भी बाल विवाह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो वे चुप न रहें और तुरंत उसे रोकने की पहल करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या चौकी को दी जा सकती है। इसके साथ ही 24 घंटे सक्रिय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन बच्चों के हितों की सुरक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों का सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।