सूरजकुंड दिवाली मेले में महिलाओं को भा रही रंग-बिरंगी चूडिय़ां, कड़े और आकर्षक ज्वेलरी आइटम

-चूडिय़ों, ब्रेसलेट और ईयर रिंग्स की विविध रेंज बनी महिलाओं की पसंद, स्टॉलों पर उमड़ रहे खरीदार

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 24 अक्टूबर।

सूरजकुंड परिसर में आयोजित तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 में महिलाओं के लिए उपलब्ध आकर्षक श्रृंगार सामग्री और आभूषणों की विविध रेंज खूब पसंद की जा रही है। मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर रंग-बिरंगी चूडिय़ां, कड़े, ब्रेसलेट, ईयर रिंग्स सहित अन्य फैशन एवं श्रृंगार से जुड़े उत्पाद महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। त्योहार के अवसर पर अपनी पसंद के अनुसार श्रृंगार सामग्री खरीदने के लिए महिलाएं इन स्टॉलों पर पहुंच रही हैं।

मेले में चूडिय़ों और आभूषणों के स्टॉल पर विभिन्न रंगों, डिजाइनों और आकारों में उत्पाद उपलब्ध हैं। महिलाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा और आधुनिक परिधानों के अनुरूप इनका चयन कर रही हैं। रंगीन चूडिय़ां जहां पारंपरिक भारतीय परिधान के साथ विशेष रूप से पसंद की जा रही हैं, वहीं आकर्षक कड़े, ब्रेसलेट और ईयर रिंग्स आधुनिक फैशन के शौकीनों को भी लुभा रहे हैं।

दिवाली जैसे त्योहारों पर नए कपड़ों के साथ श्रृंगार सामग्री और आभूषणों की खरीदारी का विशेष महत्व रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेले में आने वाली महिलाएं अपनी पसंद के उत्पाद तलाश रही हैं। विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित आकर्षक डिजाइन और उत्पादों की विविधता ग्राहकों को खरीदारी के कई विकल्प उपलब्ध करा रही है। महिलाएं अपने लिए खरीदारी करने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और परिचितों को उपहार देने के उद्देश्य से भी इन वस्तुओं में रुचि दिखा रही हैं।

सूरजकुंड दिवाली मेले में विभिन्न स्टॉल संचालकों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। इससे हस्तशिल्प, फैशन और श्रृंगार से जुड़ी वस्तुओं के विक्रेताओं को अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। मेले का विविधतापूर्ण बाजार पर्यटकों को एक ही परिसर में अलग-अलग श्रेणियों के उत्पाद देखने और खरीदने की सुविधा प्रदान करता है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सूरजकुंड परिसर में तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों के माध्यम से खरीदारी के साथ त्योहार की रौनक और उत्सवी माहौल का अनुभव भी मिल रहा है।