पर्यावरण संरक्षण को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बनाएं : राम कुमार कश्यप

- वायु एवं जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी विभाग मिलकर करें ठोस, प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई

- सेक्टर-62-63 व अल्फलाह यूनिवर्सिटी में पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

फरीदाबाद, 1 अक्टूबर। 
हरियाणा विधानसभा की प्रदूषण तथा पर्यावरण संबंधी समिति के चेयरमैन एवं विधायक राम कुमार कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों, प्रशासनिक अधिकारियों, सरकार और आमजन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बनाते हुए वायु एवं जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

चेयरमैन राम कुमार कश्यप आज फरीदाबाद में हरियाणा विधानसभा की प्रदूषण तथा पर्यावरण संबंधी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा विधानसभा की प्रदूषण तथा पर्यावरण संबंधी समिति के मेंबर विधायक घनश्याम दास, विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक सतीश फागना, विधायक मामन खान, हरियाणा विधान सभा कमिटी मेंबर सुनील कुमार, उपायुक्त आयुष सिन्हा, नगर निगम कमिश्नर यशेंद्र सिंह  मौजूद रहे। 

चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा और घटता हरित क्षेत्र आज गंभीर विषय हैं। इसलिए सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर कार्य करने के साथ-साथ आपसी समन्वय से भी प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने जिला फरीदाबाद के वायु गुणवत्ता सूचकांक का उल्लेख करते हुए चेयरमैन ने कहा कि बैठक के समय फरीदाबाद का एक्यूआई ज्यादा दर्ज किया गया है, जबकि बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए इसे 50 से नीचे रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में प्रदूषण की रोकथाम के लिए समय रहते ठोस कार्ययोजना लागू करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की निगरानी के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उपचारित पानी का अधिक से अधिक पुन: उपयोग हो। उन्होंने अधिकारियों से ईटीपी की कार्यप्रणाली, उपचारित पानी की मात्रा तथा उसके उपयोग की स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए।

चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस तथा एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए दी जा रही सब्सिडी की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित योजना के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को इन उपकरणों की स्थापना के लिए 50 प्रतिशत तक तथा अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। चेयरमैन ने निर्देश दिए कि सब्सिडी प्राप्त करने वाली इकाइयों का भौतिक निरीक्षण भी किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित और संचालित हो रहे हैं।

चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण करवाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी और छोटी दोनों प्रकार की औद्योगिक इकाइयों में उपलब्ध खाली स्थानों का उपयोग हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को ऐसी सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां भविष्य में निर्माण की संभावना नहीं है, ताकि वहां पौधारोपण कर हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार करें और पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल एवं संरक्षण की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन एवं डंपिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहर से एकत्रित होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन, पृथक्करण और निस्तारण जरूरी है। विशेष रूप से प्लास्टिक कचरे के उचित प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए, ताकि खुले में कचरा जलाने तथा उससे होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके।

चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने तार जलाने जैसी गतिविधियों पर भी प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी छोटी औद्योगिक गतिविधियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, क्योंकि तार अथवा अन्य सामग्री को जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसी प्रकार धूल प्रदूषण, सड़क रखरखाव तथा निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल नियंत्रण के उपायों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

बैठक के दौरान चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक किए गए कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने विषय से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करें और जहां कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक के बाद समिति द्वारा सेक्टर- 56 गुरुग्राम केनाल, सीईटीपी साइट, एल्क्ट्रोपॉलेटिंग जोन सेक्टर- 58, प्रतापगढ एसटीपी, जेसीबी, सेक्टर- 62-63, और अल्फलाह यूनिवर्सिटी का फील्ड निरीक्षण भी किया गया। समिति ने कचरा प्रबंधन एवं डंपिंग व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्र, औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, एचएसवीपी के ग्रीन बेल्ट एवं पौधारोपण कार्य सहित पर्यावरण से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों से मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई।

चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है। सभी विभाग सामूहिक प्रयासों से कार्य करें तो वायु, जल एवं अन्य प्रकार के प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ जिले में हरित क्षेत्र को भी बढ़ाया जा सकता है।

फील्ड निरीक्षण के दौरान सेक्टर- 62-63 और अल्फलाह यूनिवर्सिटी में पौधरोपण किया गया। 

निरिक्षण के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसवीपी, नगर निगम, एचएसआईआईडीसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।