पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की नियमित देखभाल भी जरूरी : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया
- ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
फरीदाबाद, 28 सितंबर।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। अतिरिक्त उपायुक्त एवं सेवा संकल्प अभियान की जिला नोडल अधिकारी अंजलि श्रोत्रिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें पौधों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत द गोल्ड स्टेपिंग स्टोन स्कूल, नालंदा बाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ए.डी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा पी.एल.डी. पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पौधारोपण गतिविधियों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पेड़-पौधे न केवल वातावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ जीवन के लिए भी आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने पौधारोपण को मातृ सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए भावनात्मक संदेश भी दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि जिस प्रकार मां परिवार की देखभाल करती हैं, उसी प्रकार पेड़-पौधे भी जीवन और पर्यावरण की रक्षा करते हैं। उन्होंने अपने लगाए पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी सुरक्षा करने तथा उन्हें वृक्ष बनने तक देखभाल करने का संकल्प लिया।
शिक्षण संस्थानों में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, प्रकृति प्रेम और सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने का भी आह्वान किया।