कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आएगी पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता

तकनीक आधारित व्यवस्था से म्यूटेशन प्रक्रिया होगी सरल, नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

Chandigarg/ Faridabad News :
हरियाणा सरकार राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल इंतकाल की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि पूरी राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना, अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप को कम करना और आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया को स्पष्ट और निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की व्यवस्था की जा रही है। रजिस्ट्रेशन के बाद पहले 4 दिन तक म्यूटेशन संबंधित पटवारी के लॉगिन में रहेगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए पटवारी को 4 दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो 5वें दिन म्यूटेशन स्वतः कानूनगो के लॉगिन में चली जाएगी। कानूनगो को आवश्यक कार्रवाई के लिए 2 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद 7वें दिन म्यूटेशन स्वतः सीआरओ के लॉगिन में चली जाएगी, जहां आवश्यक कार्रवाई के लिए 4 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। यदि निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है, तो 11वें दिन म्यूटेशन स्वतः जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि म्यूटेशन किसी एक स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई के लिए निश्चित समय-सीमा होने से जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को अपनी सेवा के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता के साथ-साथ कार्यप्रणाली में तेजी और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा एक विशेष ऑनलाइन पेज अथवा पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जहां निर्धारित समय-सीमा में म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे और संबंधित विभाग अथवा अधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर मामले पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि नियमों के अनुसार म्यूटेशन की जा सकती है, तो नागरिक को उसकी म्यूटेशन की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, यदि किसी वैधानिक अथवा अन्य निर्धारित कारण से म्यूटेशन नहीं की जा सकती, तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पष्ट और कारणयुक्त स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसमें यह बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती, किस नियम या कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आवश्यकता होने पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। इससे नागरिकों को केवल मौखिक रूप से “इंतकाल नहीं हो सकता” कहकर वापस नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उन्हें लिखित और स्पष्ट निर्णय प्राप्त होगा।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटली साइन की गई रजिस्ट्री और अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी-छोटी त्रुटियों को सरल तरीके से ठीक करने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर कार्य की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि आवेदन किस स्तर पर है, कितने समय से लंबित है और संबंधित अधिकारी द्वारा क्या कार्रवाई की गई है। इससे जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं परिणाम आधारित बनेगी।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डिजिटलीकरण का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना, जवाबदेही तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और आम नागरिक को समय पर सेवा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को वास्तविक तकनीकी समस्या, संचालन संबंधी कठिनाई अथवा व्यवस्था को और बेहतर बनाने से जुड़ा कोई सकारात्मक सुझाव है, तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। सरकार तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को सरल बनाने के साथ-साथ व्यवहारिक कठिनाइयों का समाधान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि राजस्व सेवाएं आम नागरिक की संपत्ति, अधिकार और रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं। इसलिए इन सेवाओं में पारदर्शिता, स्पष्टता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें नागरिक को अपनी सेवा के लिए किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर न रहना पड़े, आवेदन की स्थिति स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो और प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई की जवाबदेही तय हो।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा, हमारी सरकार का ध्येय है पारदर्शिता के साथ जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ना और हमारी सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में और माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी के नेतृत्व में हरियाणा निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि तकनीक और सुशासन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को उसका अधिकार समय पर, सरलता से और पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो। राजस्व सेवाओं में ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्था इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है राजस्व सेवाओं में न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप, अधिकतम पारदर्शिता, निर्धारित समय-सीमा में सेवा, मजबूत जवाबदेही और आम नागरिक को बिना अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाए उसका अधिकार उपलब्ध कराना। तकनीक का उद्देश्य व्यवस्था को कठिन बनाना नहीं, बल्कि नागरिक के लिए व्यवस्था को सरल और सुविधाजनक बनाना है।