सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डिजिटल सिस्टम, ब्लैक स्पॉट और ट्रैफिक सुधारों पर मंथन : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया

_ - फरीदाबाद में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया की समीक्षा बैठक

फरीदाबाद, 20 अगस्त। 
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट के सुधार, सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, स्मार्ट सिटी लिमिटेड, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना, दुर्घटनाओं की रोकथाम, राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करना रहा।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद केवल उपचारात्मक कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक गंभीर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित विश्लेषण किया जाना आवश्यक है, ताकि एक ही कारण से दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि रूट-कॉज एनालिसिस के लिए उपलब्ध तकनीकी टूल्स और डेटा का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा दुर्घटना के कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सड़क नेटवर्क, लोकेशन, सेक्टर, हाईवे तथा अन्य मार्गों की डिजिटल मैपिंग पर चर्चा हुई। एडीसी ने सुझाव दिया कि ऐसा *डायनामिक डिजिटल सिस्टम विकसित किया जाए जिसमें किसी सड़क के विशेष हिस्से, अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude)के आधार पर संबंधित सड़क/स्थान की तत्काल पहचान की जा सके।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने निर्देश दिए कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट का संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण* किया जाए। इसमें एनएचएआईI, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, स्मार्ट सिटी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लैक स्पॉट के लिए केवल दुर्घटनाओं की संख्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। वहां सड़क की ज्यामिति, स्पीड लिमिट, प्रकाश व्यवस्था, साइनेज, पार्किंग, अतिक्रमण, ट्रैफिक मूवमेंट, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और अन्य संभावित कारणों का भी अध्ययन किया जाए।

बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया सभी संबंधित विभागों को अपना नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी सड़क सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं, दुर्घटना स्थलों की कार्रवाई, सुधारात्मक उपायों तथा विभागीय प्रगति की जानकारी जिला स्तर पर उपलब्ध करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विभागों को अपने नोडल अधिकारियों के क्रेडेंशियल तैयार कराने तथा आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने सड़क सुरक्षा ऑडिट की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऑडिट रिपोर्ट में चिन्हित कमियों पर केवल रिपोर्ट तैयार न की जाए, बल्कि उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और अनुपालन की निगरानी भी की जाए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सड़क की निर्धारित आयु, मेंटेनेंस अवधि तथा संबंधित एजेंसी/कॉन्ट्रैक्टर की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित करने पर जोर दिया। सड़क निर्माण के बाद उसकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुर्घटना होने से पहले संभावित जोखिमों की पहचान कर उन्हें दूर करना होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से आग्रह किया कि प्रत्येक विभाग कम से कम एक ऐसा ठोस सड़क सुरक्षा सुधार चिन्हित करे जिसे तत्काल लागू किया जा सके। इनमें अवैध पार्किंग हटाना, ऑटो के लिए निर्धारित स्थान बनाना, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग, ट्रैफिक सिग्नल/साइनेज, सड़क की सफाई, स्पीड कंट्रोल तथा अन्य छोटे लेकिन प्रभावी सुधार शामिल हो सकते हैं।

बैठक में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन तथा प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण से उत्पन्न ट्रैफिक एवं पैदल यात्रियों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई।एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने संबंधित विभागों को पुलिस के साथ समन्वय कर ऐसे स्थानों पर नो-पार्किंग व्यवस्था, निर्धारित ऑटो स्टैंड और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

बैठक शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण उत्पन्न जोखिम पर भी चर्चा की गई। संबंधित विभागों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा नई खरीदी गई वाहनों और सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से तैनात करने के निर्देश दिए गए।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि सड़कों पर बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पुलिस, नगर निकाय और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है तथा कार्रवाई के दौरान फील्ड स्टाफ को आवश्यक सुरक्षा सहयोग उपलब्ध कराया जाए। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों को दुर्घटना स्थल का निरीक्षण, जोखिम की पहचान, डेटा संग्रह, डिजिटल लोकेशन सिस्टम और रूट-कॉज एनालिसिस जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि अधिकारियों को मौके पर समस्या की पहचान कर उसका स्थायी समाधान करने में सक्षम बनाना होना चाहिए।

एडीसी  अंजलि श्रोत्रिया ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करें। जिन कार्यों में टेंडर, एनओसी, वर्क ऑर्डर अथवा अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित है, उनकी स्थिति स्पष्ट रूप से बताई जाए और अनावश्यक देरी को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक निर्णय की जिम्मेदारी, समयसीमा और अनुपालन स्पष्ट होना चाहिए। आगामी बैठकों में केवल चर्चा के बजाय पिछले निर्णयों की कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस दौरान आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने रोड सेफ्टी के बारे में समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने एसडीएम को बताया कि दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए रॉंग साइड गाड़ी चलाने वालों के चालान कर जुर्माना लगाया जा रहा है। 

बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण और रोड सेफ्टी से जुड़ें अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।