निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण हेतु तकनीकी सहायता शिविर का आयोजन
फरीदाबाद, 31 जुलाई। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) (एफओडी) द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, घरेलू उपभोक्ता व्यय, रोजगार, मूल्य सांख्यिकी, शहरी फ्रेम सर्वेक्षण तथा औद्योगिक सांख्यिकी सहित विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक विषयों पर व्यापक स्तर के नमूना सर्वेक्षण नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं। इन्हीं सर्वेक्षणों में निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) एक महत्वपूर्ण सर्वेक्षण है, जिसका उद्देश्य निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सृजित सकल मूल्य वर्धन का आकलन कर देश के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र के योगदान का अनुमान लगाना है। साथ ही, यह सर्वेक्षण सेवा क्षेत्र की संरचनात्मक विशेषताओं एवं उसके प्रदर्शन का विश्लेषण कर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण तथा आर्थिक नियोजन में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।
वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण देशभर में 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया गया है। सर्वेक्षण के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता के आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करने तथा सर्वेक्षण के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के उद्देश्य से राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एफओडी), उप-क्षेत्रीय कार्यालय, फरीदाबाद द्वारा 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय भूजल बोर्ड, भूजल भवन, एनएच-4, एनआईटी, फरीदाबाद में एक सुविधा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में लगभग 100 निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्हें ASISSE विवरणी प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए थे।
इस सुविधा शिविर का उद्घाटन एवं अध्यक्षता श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एफओडी), क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा की गई। अपने उद्घाटन संबोधन में श्री मेहरा ने देश के विकास में विश्वसनीय एवं सटीक सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से एकत्रित गुणवत्तापूर्ण आंकड़े साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, प्रभावी विकास योजना तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सूचित निर्णय लेने की आधारशिला हैं।
शिविर का उद्देश्य सहभागी उद्यमों को व्यापक तकनीकी सहायता प्रदान करना था। सुविधा शिविर में पोर्टल से संबंधित समस्याओं के समाधान, सहायक दस्तावेजों के अपलोड, सीपीसी एवं एनआईसी कोड के वर्गीकरण, सर्वेक्षण की अवधारणाओं एवं परिभाषाओं, आंकड़ों में असामान्य भिन्नताओं एवं विसंगतियों के निराकरण तथा वैधता संबंधी जांचों केसंबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे सर्वेक्षण विवरणियों को सही एवं पूर्ण रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
शिविर के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्रों में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें सर्वेक्षण की रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, जिससे वे अपनी सर्वेक्षण विवरणियों को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से प्रस्तुत कर सकें।
इस सुविधा शिविर को सहभागी उद्यमों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। यह पहल राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की हितधारकों के साथ सहभागिता को सुदृढ़ करने, आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के सफल क्रियान्वयन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।