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डिजिटल मॉनिटरिंग एवं एआई आधारित प्रणाली से होगी बेहतर निगरानी : डी.एस ढेसी
- ग्रीन कॉरिडोर एवं पौधारोपण अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश
- लंबित सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी
- लंबित एसटीपी परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करने के निर्देश
- शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में 12वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित
फरीदाबाद, 01 जुलाई।
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला फरीदाबाद में चल रही विभिन्न परियोजनाओं पर अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसी के अधिकारियों के साथ 12वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजटीय प्रावधानों तथा भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
ग्रीन कॉरिडोर एवं पौधारोपण अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश
बैठक में प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी द्वारा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े ग्रीन कॉरिडोर एवं व्यापक पौधारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत बड़े स्तर पर पौधारोपण, ओपन जिम, हरित क्षेत्र तथा सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 46 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधान सलाहकार ने इसे प्रदेश की प्रतिष्ठित परियोजनाओं में से एक बताते हुए निर्देश दिए कि मानसून अवधि का अधिकतम उपयोग करते हुए पौधारोपण कार्य समय पर पूर्ण किया जाए।
लंबित सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी
प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने मास्टर रोड के उन्नयन, विभिन्न सड़कों की मरम्मत सार्वजनिक अवसंरचना तथा अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। श्री ढेसी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में केवल सीमित भूमि अथवा छोटे हिस्से के कारण कार्य लंबित है, वहाँ संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि पूरी परियोजना प्रभावित न हो।
लंबित एसटीपी परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करने के निर्देश
सीवरेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित एसटीपी परियोजनाओं को निर्धारित समय से पहले पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने उपचारित जल के अधिकतम पुनः उपयोग, उद्योगों एवं हरित क्षेत्रों में इसके उपयोग की संभावनाओं तथा आधुनिक उपचार तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया। साथ ही एसटीपी स्लज के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण के लिए प्रस्तावित तकनीकों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
डिजिटल मॉनिटरिंग एवं एआई आधारित प्रणाली से होगी बेहतर निगरानी
बैठक में जल गुणवत्ता की निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली, शिकायत निवारण तंत्र तथा परियोजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग पर भी चर्चा हुई। श्री ढेसी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा विभाग शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का नियमित विश्लेषण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए।
जल निकासी, जलापूर्ति एवं विद्युत अवसंरचना कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई, जलापूर्ति नेटवर्क, पाइपलाइन की कमियों, विद्युत अवसंरचना, चार्जिंग सुविधाओं तथा अन्य प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधान सलाहकार ने कहा कि सभी विभाग परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा तकनीकी, प्रशासनिक अथवा भूमि संबंधी बाधाओं का शीघ्र समाधान कर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करें।
श्री ढेसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएँ, स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित जलापूर्ति तथा आधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित रूप से कार्य करें।
बैठक में एडिशनल सीईओ एफएमडीए गौरी मिड्ढा सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।