‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियों का डेटाबेस किया जा रहा है तैयार : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया

- पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व रहेगा पूर्णतः सुरक्षित

- आम नागरिक हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं साझा


फरीदाबाद, 2 जून। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों की खोज एवं डिजिटलीकरण अभियान को गंभीरता और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी संभावित स्थलों, धार्मिक संस्थानों, गुरुद्वारों, जैन मंदिरों, आर्य समाज संस्थाओं, संस्कृत विद्यालयों, आश्रमों, ज्योतिष एवं नाड़ी केंद्रों, पुराने पुस्तक विक्रेताओं तथा स्वतंत्रता सेनानियों एवं ऐतिहासिक परिवारों के वंशजों से संपर्क स्थापित कर उपलब्ध प्राचीन दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जाए।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि कई बार मूल्यवान पांडुलिपियां निजी व्यक्तियों, वैद्यों, ज्योतिषाचार्यों अथवा धार्मिक संस्थानों के पास सुरक्षित रहती हैं, इसलिए फील्ड स्तर पर व्यक्तिगत प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक संभावित स्थल का भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा जहां कोई सामग्री उपलब्ध नहीं मिले, वहां संबंधित संस्था अथवा विभाग से नॉन-अवेलेबिलिटी प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से प्राप्त पांडुलिपियों की फोटो एवं विवरण तत्काल अपलोड किए जाएं ताकि जिले का योगदान इस राष्ट्रीय अभियान में प्रभावी रूप से दर्ज हो सके।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि जिले के सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आगामी बैठक से पूर्व अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहरों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना है, जिससे भावी पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य विरासत का संरक्षण किया जा सके।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने आह्वान किया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी सेक्टर 12 लघु सचिवालय स्थित एडीसी कार्यालय को या सीधे gyanbharatam.com/ वेबसाइट या play.google.com/store/apps/details?id=com.gyanbharatam.app&pli=1 मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं।
चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णत: सुरक्षित रहेगा।

बैठक में एडिशनल नगर निगम कमिश्नर गौरव अंतिल, बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।