कनेक्टिविटी सुधार से औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा: डी.एस. ढेसी
कनेक्टिविटी सुधार से औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा: डी.एस. ढेसी - बजट…
कनेक्टिविटी सुधार से औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा: डी.एस. ढेसी - बजट…
कनेक्टिविटी सुधार से औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा: डी.एस. ढेसी
- बजट में सड़क विकास परियोजनाओं को मिली नई दिशा
- ‘मार्जिनल लैंड’ के बेहतर उपयोग के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश
- सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए होगी विशेष समीक्षा बैठक
- एलिवेटेड कॉरिडोर और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
- डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर फोकस
फरीदाबाद, 16 अप्रैल।
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी की अध्यक्षता में गत दिवस लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला फरीदाबाद में चल रही विभिन्न परियोजनाओं पर सीईओ एफएमडीए पी सी मीणा, नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, डीसी आयुष सिन्हा और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसी के अधिकारियों के साथ 10वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजटीय प्रावधानों तथा भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बजट में सड़क विकास परियोजनाओं को मिली नई दिशा
बैठक के दौरान प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीनतम बजट के संबंध में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सड़कों के विकास कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण और सराहनीय बदलाव किया गया है। पहले जहां बजट में केवल सामान्य प्रावधानों का उल्लेख होता था, वहीं अब इसमें स्पष्टता और विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि बजट में अब विशिष्ट सड़कों के नाम, उनकी कुल लंबाई तथा प्रस्तावित लागत का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। इस पहल से न केवल योजनाओं की स्पष्ट समझ विकसित होगी, बल्कि आम जनता और संबंधित विभागों को परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस नई व्यवस्था से विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। साथ ही, यह कदम संसाधनों के बेहतर उपयोग और समयबद्ध क्रियान्वयन को भी प्रोत्साहित करेगा। सरकार की यह पहल सुशासन और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बैठक में ‘मार्जिनल लैंड’ के बेहतर उपयोग के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश
बैठक के दौरान श्री ढेसी ने पूर्ववर्ती बैठकों में उठाए गए विभिन्न मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान विशेष रूप से दिल्ली-आगरा मार्ग सहित राज्य के अन्य प्रमुख सड़क मार्गों के उन्नयन (Upgradation) और आधारभूत ढांचे के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि औद्योगिक परिवहन और जन-सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाया जा सके।
बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में खाली पड़े भूमि के छोटे टुकड़ों, जिन्हें 'मार्जिनल लैंड' कहा जाता है, का प्रभावी प्रबंधन रहा। श्री ढेसी ने इन भूखंडों की पहचान करने, उनके वर्तमान उपयोग का आकलन करने और भविष्य में उनके बेहतर दोहन के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। इस पर विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि पूर्व में ऐसी भूमि की आंशिक पहचान की गई थी, लेकिन अब इसे अधिक व्यवस्थित और समग्र (Comprehensive) तरीके से चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भूमि की बर्बादी को रोकना और उपलब्ध संसाधनों से राजस्व व जन-उपयोगिता सुनिश्चित करना है।
सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए होगी विशेष समीक्षा बैठक
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी को सड़क निर्माण एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराया। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर भूमि अधिग्रहण, सड़कों की चौड़ाई निर्धारण और सर्विस लेन के निर्माण जैसे कार्यों में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं। इन समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए श्री ढेसी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बाधा की विस्तृत तकनीकी समीक्षा की जाए। साथ ही, जटिल मुद्दों के त्वरित समाधान हेतु आवश्यकतानुसार अलग से विशेष बैठकें आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया ताकि विकास कार्य बिना किसी विलंब के पूरे हो सकें। इसके अतिरिक्त, बैठक में भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। श्री ढेसी ने विशेष रूप से 'नहर पार' क्षेत्रों और विभिन्न सेक्टरों में भूमि के मापन एवं राजस्व रिकॉर्ड में पाई गई विसंगतियों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के कानूनी या प्रशासनिक विवाद से बचा जा सके और बुनियादी ढांचे का विकास सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
एलिवेटेड कॉरिडोर और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने राज्य की बड़ी अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण, प्रमुख फ्लाईओवरों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी सुधारने वाली परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री ढेसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी बाधा को शीघ्र दूर करें ताकि जनता को इनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
संबंधित विभागों के अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि इन बड़ी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने और यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली, पानी व अन्य सेवाओं को स्थानांतरित करने) जैसे प्रारंभिक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन पूर्व-निर्माण प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। श्री ढेसी ने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
बैठक के अंत में प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।