राम गोपाल यादव ने चुनावों, क्रॉस-वोटिंग और राजनीतिक साजिशों को लेकर मोहसिन खान द्वारा होस्ट किए गए "एमके टॉक’" में सनसनीखेज दावे किए

नई दिल्ली, भारत — समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान चुनावी प्रक्रियाओं, कथित राजनीतिक साजिशों और क्रॉस-वोटिंग की घटनाओं के संबंध में कई सनसनीखेज दावे किए हैं।

मोहसिन खान द्वारा होस्ट किए गए "एमके टॉक’" पॉडकास्ट पर बोलते हुए, यादव ने चुनावों की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्नत तकनीक का उपयोग करके बैंकों से पैसे निकाले जा सकते हैं, तो इसी तरह की तकनीकों का उपयोग करके वोटों में भी संभावित रूप से हेरफेर किया जा सकता है।

"एमके टॉक" पॉडकास्ट में उन्होंने कई चौंकाने वाले राजनीतिक बयान दिए मोहसिन खान से बातचीत में यादव ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ सकता है, जिसका कारण उन्होंने "पहले से की गई सेटिंग" बताया। "एमके टॉक" में उन्होंने आगे दावा किया कि चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए 40,000 तक वोटों को "हैक" किया जा सकता है।

पिछले राजनीतिक गठबंधनों का जिक्र करते हुएआरोप लगाया कि यूपी इलेक्शन के दौरान मतदान के दिन से पहले मायावती के हस्ताक्षर वाला एक पत्र प्रसारित किया गया था, जिसमें कुख्यात 'गेस्ट हाउस कांड' का हवाला देते हुए बदले की भावना भड़काई गई थी।
यादव ने अपनी ही पार्टी के भीतर कथित क्रॉस-वोटिंग के बारे में भी "एमके टॉक" में बात की, और दावा किया कि समाजवादी पार्टी के नौ विधायकों ने 15 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रलोभन और आवास लाभों के बदले पार्टी बदल ली। "एमके टॉक" में राम गोपाल यादव ने एक से बढ़कर एक खुलासे किए हैं जिसे देखने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं हालांकि उन्होंने

इन बयानों ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में कई पार्टियों से इस पर प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। हालांकि, अब तक इन दावों की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया गया है।