सूरजकुंड शिल्प मेले में सुरों की सौगात, तरन्नुम मलिक जैन की प्रस्तुति रही खास
- सांस्कृतिक संध्या में तरन्नुम मलिक जैन का सुरों का जादू, तालियों से गूंजा पंडाल
फरीदाबाद, 04 फरवरी।
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा तथा हरियाणा पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प मेले के अंतर्गत मंगलवार रात को मुख्य चौपाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। प्रसिद्ध पार्श्व गायिका तरन्नुम मलिक जैन ने अपनी मधुर एवं ऊर्जावान प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तरन्नुम मलिक जैन ने अपने लोकप्रिय गीत “सैयारा”, “लग जा गले के फिर ये हसीं पल” और “बड़े अच्छे लगते हैं” से की, जिसने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। इसके पश्चात जब उन्होंने “कुछ न कहो कुछ भी न कहो” और “आज की रात होना है क्या” जैसे सुपरहिट गीत प्रस्तुत किए, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। उनकी एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक के. एम. पांडुरंग, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार प्रतिदिन विविध एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश-विदेश से आए पर्यटकों एवं दर्शकों ने दिनभर इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद उठाया।