आत्मनिर्भर शिल्प मेले में कार्निवाल परेड का लुत्फ उठा रहे पर्यटक

-मेला में शाम के समय प्रतिदिन देश-विदेश के कलाकार छोड रहे अपनी अमिट छाप

फरीदाबाद। पर्यटन विभाग हरियाणा द्वारा सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39 वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में हर दिन शाम एक कार्निवाल परेड आयोजित की जा रही है, इस परेड में रंग-बिरंगी, लाल-गुलाबी, नीली, पीली रोशनी से सराबोर देश-विदेश के नर्तकों व कलाकारों की परेड हर पर्यटक के दिल पर अपनी लोक कला की अमिट छाप छोड़ रही है। 

यदि आप कार्निवाल परेड का आनंद लेना चाहते हैं तो सूरजकुंड में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में एक बार शाम को परिवार सहित आइये। यह कार्निवाल परेड प्रतिदिन सायं छह बजे आयोजित की जाती है, जिसमें पार्टनर देश मिस्त्र और थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय सहित परेड में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा ईराक, कजाकिस्तान, वियतनाम, जोरडन, नाइजीरिया सहित अन्य देशों के कलाकार मंडली के साथ अपने पारंपरिक परिधान व ढोल, ताशे-बाजे, चिमटे आदि लेकर साथ निकलते हैं और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते हुए चलते हैं। मेला परिसर में गेट नंबर एक से लेकर वीआईपी धनतेसरी गेट तक मेन रोड के दोनों ओर दर्शकों का हुजूम इस परेड को देखने के लिए खड़ा रहता है। पर्यटकों के बीच अपने-अपने मोबाइल फोन में इस परेड की तस्वीरों व वीडियो को कैद कर यादगार के रूप में रखा जाता है। 

सूरजकुंड मेले में आयोजित इस कार्निवाल परेड में लोक कलाकारों द्वारा ढोल नगाड़ों, तंबूरे, बीन, गिटार, वायलिन, ड्रम, सेक्सोफोन, फ्लूट, क्लेरीनेट, सेलो, ड्रम्प्ट आदि वाद्य यंत्रों से पूरी दुनिया की विभिन्न धाराओं के संगीत से दर्शकों का मनोरंजन किया जाता है। यदि आप कार्निवाल परेड का आनंद लेना चाहते हैं तो एक बार शाम को छह बजे परिवार सहित कार्निवाल का लुफ्त उठा सकते है, यहां रंग-बिरंगी, लाल-गुलाबी, नीली, पीली रोशनी से सराबोर देश-विदेश के नर्तकों व कलाकारों की परेड हर पर्यटक के दिल पर अपनी लोक कला की छाप छोड़ रही है।