अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर रहा सूरजकुंड मेला : पार्थ गुप्ता

- सूरजकुंड शिल्प मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे पर्यटन निदेशक, 5. दुकानदारों से बातचीत कर मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा

फरीदाबाद। हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने आज 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानदारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न राज्यों एवं देशों के स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित हस्तशिल्प, हथकरघा एवं पारंपरिक उत्पादों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान निदेशक ने दुकानदारों से मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या, बिक्री की स्थिति, बिजली, पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेले में भाग लेने वाले कलाकारों और आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएंगी, ताकि सभी को एक सुखद और सुविधाजनक अनुभव प्राप्त हो।

श्री पार्थ गुप्ता ने कहा कि सूरजकुंड मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल एवं शौचालयों की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा और कलाकारों के हित पर्यटन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेले में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को सकारात्मक और यादगार अनुभव मिलना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

निरीक्षण के अंत में निदेशक ने मेले के सफल आयोजन के लिए पर्यटन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि 39वां सूरजकुंड मेला देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक और सफल आयोजन सिद्ध होगा।