रिकॉर्ड तोड़ भीड़ से गुलजार हुआ सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव, अब तक पहुंचे 7.28 लाख पर्यटक

: दुनिया के सबसे बड़े शिल्प महोत्सव ने दूसरे वीकेंड पकड़ी रफ्तार, 3.20 लाख पर्यटकों की भागीदारी से शिल्पियों, दुकानदारों के खिले चेहरे

सूरजकुंड( फरीदाबाद), फरवरी। दुनिया के सबसे बड़े शिल्प मेले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव ने इस वर्ष भी लोकप्रियता के नए कीर्तिमान स्थापित करने शुरू कर दिए हैं। रविवार को मेले में रिकॉर्डतोड़ भीड़ उमड़ी। अब तक 9 दिनों में 7 लाख 28 हजार पर्यटक मेले का दीदार कर चुके हैं। दूसरे वीकेंड पर 3.20 लाख से अधिक पर्यटकों की भागीदारी से शिल्पियों, कारीगरों, बुनकरों और दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं।

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को ही 2 लाख 20 हजार पर्यटक सूरजकुंड मेले में पहुंचे। मुख्य चौपाल, मिनी चौपाल, नाट्यशाला और विभिन्न पैवेलियन में विभिन्न गतिविधियों की शुरुआत से पहले गत दिवस हुए हादसे के मद्देनजर मेला प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा बलिदान हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। उन्होंने बताया कि 38वें संस्करण में कुल 15 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे, जबकि इस बार केवल 9 दिनों में ही 7.28 लाख पर्यटक मेले का हिस्सा बन चुके हैं। आगामी वैलेंटाइन सप्ताह के चलते पर्यटकों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की संभावना है, जिससे मेला पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय एकता, कला और संस्कृति को सशक्त करने के संकल्प को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में यह महोत्सव साकार कर रहा है। इस बार स्वदेशी अभियान और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य से स्थानीय बाजार को वैश्विक स्तर पर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सुनियोजित तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं। इस बार तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, ऑनलाइन टिकटिंग और स्टॉल आवंटन में पारदर्शिता ने मेले को और अधिक सुव्यवस्थित व आकर्षक बनाया है।

इस वर्ष उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम स्टेट के रूप में विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, वहीं पार्टनर नेशन इजिप्ट की पारंपरिक कला, वास्तुकला शैली और शिल्प उत्पादों ने पर्यटकों को खास तौर पर लुभाया है। इजिप्ट के पैवेलियन में प्रस्तुत हस्तनिर्मित कलाकृतियां, सजावटी वस्तुएं और सांस्कृतिक झलकियां पर्यटकों के बीच विशेष चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि मेले में देश-विदेश से आए शिल्पियों की बारीक कारीगरी, हथकरघा उत्पाद, मिट्टी, लकड़ी, धातु और कपड़े से बनी कलात्मक वस्तुएं लोगों को जमकर आकर्षित कर रही हैं। 50 से अधिक देशों के कलाकारों द्वारा मुख्य चौपाल पर दी जा रही भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ मिनी चौपाल पर क्षेत्रीय लोकनृत्य और संगीत कार्यक्रमों का भी पर्यटक भरपूर आनंद उठा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि महा स्टेज पर नामी कलाकारों की प्रस्तुतियों से मेले का आकर्षण और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मेला 15 फरवरी तक चलेगा और वैलेंटाइन सप्ताह के दौरान कपल्स व युवाओं की संख्या में विशेष वृद्धि की उम्मीद है। इसे देखते हुए मेला प्रबंधन द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, हरियाणा पर्यटन निगम के एमडी पार्थ गुप्ता, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, कला एवं सांस्कृतिक विभाग तथा पूरी टीम पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात जुटी हुई है।