सरकार की पहल से छोटे उद्यमियों को मिल रहा बाजार और पहचान

- जूट बैग निर्माण से आत्मनिर्भर बने स्वयं सहायता समूह के सदस्य


फरीदाबाद, 02 जनवरी। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के निर्देशों एवं जिला परिषद की सीईओ शिखा के कुशल मार्गदर्शन में सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड में स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की उत्साहपूर्ण और सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है, जो अपने पारंपरिक, स्वदेशी एवं हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुग्राम जिले के पटौदी क्षेत्र से आए धर्मेंद्र कुमार ने मेले में अपनी सहभागिता को अत्यंत लाभकारी बताया।

धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वे गुरुग्राम जिले के पटौदी से आए हैं और मेले में जूट बैग के उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जूट बैग निर्माण का प्रशिक्षण उनकी पत्नी ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्राप्त किया है। वे एसएसजी स्वयं सहायता समूह से जुड़े हुए हैं और वर्ष 2018 से समूह के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपना स्वयं का कार्य शुरू किया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग प्रदान की गई, जिससे वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन में सुधार कर सके। इसके अलावा, समूह के माध्यम से उन्हें अन्य राज्यों में आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों में उन्हें स्टॉल की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे छोटे उद्यमियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें बैंक ऋण की सुविधा भी सरल शर्तों पर उपलब्ध कराई जाती है। सरकार द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर नाममात्र का ब्याज लिया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी बिना किसी कठिनाई के अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

मेले के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल अच्छा व्यवसाय होता है, बल्कि उत्पादों की पहचान भी बनती है। इससे उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

धर्मेंद्र कुमार ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लगातार ऐसे मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोग आगे बढ़ सकें और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दे सकें।