Adivi Sesh Talks about juggling two roles at once, shifting Between Raw Desi Grit in his next Dacoit and a more suave global intelligence spy in G2
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विकसित भारत-जी-राम-जी” से मजबूत होंगे गांव, तेज़ी से साकार होगा विकसित भारत का सपना : कृष्णपाल गुर्जर
फरीदाबाद 07 जनवरी। केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि ’विकसित भारत- ’’जीरामजी’’ केवल रोज़गार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। जीरामजी योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है।
श्री गुर्जर ने कहा कि यह विधेयक वस्तुतः भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास ही हमेशा से प्राथमिकता पर रहा है। वर्ष 2014 में जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तब से उनकी सरकार ग्राम, गरीब, किसान के लिए समर्पित है और उनको सशक्त करने के लिए लगातार काम कर रही है । देश में लागू विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून को लेकर केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा । भाजपा जिला कार्यालय अटल कमल पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, पूर्व जिला महामंत्री मूलचन्द मित्तल, जिला महामंत्री चौधरी प्रवीन गर्ग, शोभित अरोड़ा, जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह अरुआ, भारती भाकुनी, जिला सचिव मनीष छोंकर, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता एवं कार्यालय सचिव राज मदान, माधव रावत मुख्य तौर पर उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मोदी जी ने 2047 तक देश को विकसित करने का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नए कानून बनायें गए हैं, नई योजनायें लाई गईं हैं । मोदी सरकार का मानना है जब तक गाँव विकसित नहीं होगा तब तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सकते। ’विकसित भारत-जी-राम-जी” कानून ग्रामीण विकास का कानून है । 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने वाला कानून है। विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। इस योजना के अंतर्गत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान की कटाई के दौरान 60 दिनों तक कार्य बंद रहेगा, ताकि खेती पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। योजना में प्रशासनिक व्यय को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है तथा महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण विकास कार्यों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे कार्यों का निष्पादन तेजी और प्रभावी ढंग से हो सके। इन श्रेणियों में जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्य, कृषि एवं पशुपालन से संबंधित विकास कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण विकास के लिए अधिक बजट का प्रावधान भी किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना गाँवों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती मिलेगी और गाँवों में विकास की एक नई क्रांति आएगी।
श्री गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी और पारदर्शिता का अभाव था। नकली खाते खोले गए थे, मरे हुए लोगो को भी वर्षों तक पैसा दिया जा रहा था जबकि घर वालों को पता तक नहीं था। हिसार का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सालों पहले आदमी मर चूका था और मरने के कई साल तक उसके खाते में पैसा जा रहा था । इस कानून में अब डिजिटल मॉनिटरिंग का प्रावधान कर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया गया है। रियल-टाइम डेटा, जीपीएस मॉनिटरिंग और एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन लागू होगा। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति की ओर अग्रसर है, देश बदल रहा है, ग्रामीण गरीबी 2011-12 में 25.7 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 4.86 प्रतिशत रह गई है और बदलती ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अनुसार रोजगार योजना में सुधार आवश्यक है। मनरेगा में कुल आज तक 11.74 लाख करोड़ का भुगतान किया गया है जिसमें से 8.54 लाख करोड़ मोदी सरकार ने इन 11 सालों में दिया है। बाकि पिछली सरकारों ने सिर्फ 3 लाख करोड़ मनरेगा में दिया था।
श्री गुर्जर ने विकसित भारत जी राम जी को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के पास तर्क नहीं होते, तब वह भ्रम फैलाती है और गरीबों से जुड़ी हर सुधार योजना का विरोध करती है। मोदी जी जब भ्रष्टाचार पर चोट करते हैं तो सबसे पहले चोट कांग्रेस और विपक्षी दलों को लगती हैं क्योंकि ये सभी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कानून बदलने के सवाल पर श्री गुर्जर ने कहा कि इस योजना का कांग्रेस द्वारा खुद कई बार नाम बदला जा चुका है । पहले राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना था, फिर राजीव गाँधी ने जवाहर रोजगार योजना कर दिया, उसके बाद नरेगा और 2005 में मनरेगा कर दिया था । श्री गुर्जर ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारों ने लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों का नाम गांधी परिवार पर रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी अपने या किसी अन्य के नाम पर योजनाओं का नाम नहीं रखा, बल्कि सेवा और विकास को प्राथमिकता दी। मोदी सरकार में “नाम नहीं, काम बोलता है।
श्री गुर्जर ने कहा कि सरकार की इस योजना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से हमारे सभी मंत्री विधायक गाँव-गाँव जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान वे विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और भ्रम को तथ्यों के साथ बेनकाब करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर बने और देश के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।
ज़िला अध्यक्ष पंकज रामपाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा लाया गया वीबी जीरामजी कानून श्रमिकों को न्याय, उचित पारिश्रमिक और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे धन सही लाभार्थियों तक पहुँचेगा। वीबी जीरामजी योजना के तहत मनरेगा के मुकाबले 125 दिन काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गांव में ही काम उपलब्ध कराने, और कृषि व ग्रामीण विकास से जुड़े कामों के माध्यम से फायदा पहुँचाएगी, जिससे पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
पंकज रामपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आज देश में सबसे अधिक मजदूरी दर देने वाला राज्य बन चुका है। नए प्रावधानों के लागू होने से प्रदेश के प्रत्येक श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन है, जो देश में सर्वाधिक है, जो हरियाणा की श्रमिक-हितैषी नीतियों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।