फरीदाबाद, पलवल और नूंह में सख्त पर्यावरणीय नियमों को लागू करने के निर्देश; प्रदूषणकारी इकाइयों और सीवेज प्रबंधन पर रहेगा मुख्य फोकस

- एचएसपीसीबी सदस्य सचिव योगेश कुमार अध्यक्षता में यमुना प्रदूषण पर अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित

- प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की सीटीओ रद्द करने के निर्देश


फरीदाबाद, 13 जनवरी।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के सदस्य सचिव योगेश कुमार की अध्यक्षता में फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम फरीदाबाद (MCF), नूंह एवं पलवल की नगर परिषदें, सिंचाई विभाग तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) सहित प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक, वायु और जल प्रदूषण पर नियंत्रण तथा यमुना नदी सहित प्राकृतिक संसाधनों की बहाली सुनिश्चित करना था। सदस्य सचिव योगेश कुमार ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सदस्य सचिव योगेश कुमार ने औद्योगिक एवं वायु प्रदूषण को लेकर एचएसपीसीबी और डीएचबीवीएन को सरूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित औद्योगिक इकाइयों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। जिन इकाइयों द्वारा स्वीकृत ईंधन का उपयोग नहीं किया जा रहा है या जिनके पास वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) नहीं हैं, उनके विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी।

सदस्य सचिव योगेश कुमार ने यमुना नदी के संरक्षण के लिए पुलिस और नगर निगम फरीदाबाद को निर्देश दिए गए कि वे अवैध रूप से नालों में सीवेज डालने वाले टैंकरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएं। साथ ही सिंचाई विभाग को नालों के किनारे फेंसिंग लगाने और कचरा डंपिंग रोकने के लिए आवश्यक भौतिक अवरोध स्थापित करें। धार्मिक गतिविधियों से उत्पन्न अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकने के लिए समर्पित घाटों के निर्माण के भी निर्देश दिए।

प्रवर्तन और वसूली के तहत यह तय किया गया कि अवैध औद्योगिक इकाइयों को जगह देने वाले भू-स्वामियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। जिन इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा (EC) बकाया है, उनकी संचालन स्वीकृति (CTO) रद्द की जाएगी और लंबित राशि की वसूली भू-राजस्व के रूप में की जाएगी।

श्री योगेश कुमार ने प्लास्टिक और ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर नगर निगम फरीदाबाद और एचएसपीसीबी को निर्देश दिए गए कि वे थोक विक्रेताओं से प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की जब्ती और चालान की कार्रवाई तेज करें। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों तथा HSIIDC को खुले में कचरा जलाने और अवैध डंपिंग को रोकने के लिए कचरा संग्रहण व्यवस्था का दायरा बढ़ाने और निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार के प्रदूषण या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण बहाल किया जा सके।

समीक्षा बैठक में नगर निगम एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।