एग्री स्टैक पोर्टल पर आईडी बनवाना किसानों के लिए अनिवार्य : डीसी आयुष सिन्हा

- कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल से जुड़ना जरूरी

- एग्री स्टैक पोर्टल पर आईडी बनाने के लिए जिला भर में विशेष कैंप, डीसी ने पंजीकरण कराने की अपील की


फरीदाबाद, 02 जनवरी। हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में दिनांक : 18 दिसंबर 2025 से एग्री स्टैक पोर्टल (Agristack Portal) की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी काश्तकार किसानों की एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी, जिससे किसान अपनी भूमि से संबंधित सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेंगे और भविष्य में कृषि से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गांव-गांव जाकर विशेष कैंपों के माध्यम से किसानों की एग्री स्टैक पोर्टल पर आईडी बनाई जा रही है। प्रत्येक गांव में गठित टीम में राजस्व विभाग से एक पटवारी, कृषि विभाग से एक अधिकारी तथा एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है।

डीसी ने 
आयुष सिन्हा बताया कि किसान जिस भी गांव में प्रशासन द्वारा कैंप लगाए जा रहे हैं, वहां अपनी आधार कार्ड की प्रति, आधार से लिंक मोबाइल नंबर तथा जमीन की फर्द साथ लेकर आएं और अपनी आईडी अवश्य बनवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान एग्री स्टैक पोर्टल पर आईडी बनवाने से वंचित रह जाएंगे, वे भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रों पर अनुदान, खाद सब्सिडी सहित अन्य कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं।

यह कैंप शनिवार, 03 जनवरी और रविवार, 04 जनवरी 2026 को जिले की विभिन्न तहसीलों के अंतर्गत आने वाले गांवों में आयोजित किए जाएंगे। जिनका विवरण इस प्रकार है :-

तहसील फरीदाबाद के अंतर्गत ताजपुर, बदरपुर सैद, मोजमाबाद/भसकोला और महावतपुर में; तहसील तिगांव में शिकारगाह, तिगांव, चिरसी और फरीदपुर में; तहसील बड़खल में पाली, पाखल और खेड़ी गुजरान में; तहसील धौज में फतेहपुर तगा, सिरोही और खोरी जमालपुर में; तहसील गौंछी में फिरोजपुर कला और भनकपुर में; तहसील बल्लभगढ़ में फतेहपुर, डीग, शाहपुर कला, बहबलपुर, लढ़ौली और नंगला जोगियान में; तहसील दयालपुर में मंझावली, बुखारपुर और लेहडौला में तथा तहसील मोहना में मोहना, छायंसा, साहूपुर और नरियाला/पन्हेड़ा खुर्द में एग्री स्टैक पोर्टल पर आईडी बनवाने के कैंप लगाए जाएंगे।

डीसी  ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने नजदीकी कैंप में पहुंचकर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर और सुगमता से प्राप्त किया जा सके।