
हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित मेले में पारंपरिक घरेलू उत्पादों को मिला मंच
- स्वदेशी उत्सव में पारंपरिक हुनर को मिली नई पहचान और नया बाजार
फरीदाबाद, 01 जनवरी।
उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के निर्देशों एवं जिला परिषद की सीईओ शिखा के कुशल मार्गदर्शन में सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड में स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की उत्साहपूर्ण और सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है, जो अपने पारंपरिक, स्वदेशी एवं हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहे हैं। इसी क्रम में सिरसा जिला के खंड नाथुसरी चौपटा निवासी पूनम चंद ने अपने पारंपरिक घरेलू उत्पादों के साथ भाग लिया। श्री पूनम चंद ने बताया कि वे जो भी जूतियां तैयार करते हैं, वह पूरी तरह से उनके अपने घर में बनाए जाते हैं और यह कार्य उनका पारिवारिक पेशा है।
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने यह काम अपने माता‑पिता से सीखा था, जबकि उन्होंने स्वयं यह हुनर अपने माता‑पिता से सीखा है। वर्षों से वे इस पारिवारिक कार्य में लगे हुए हैं और पहले अपने गांव में ही स्थानीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री किया करते थे। समय के साथ उनकी पत्नी ‘नारी शक्ति’ महिला समूह से जुड़ गईं, जिससे उन्हें प्रशिक्षण, सहयोग और बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। इस समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय में सुधार हुआ और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस मेले में भाग लेने को लेकर श्री पूनम चंद ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह मेला उनके जैसे छोटे कारीगरों और घरेलू उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसर है। मेले में रहने, स्टॉल, बिजली, पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सरकार द्वारा बहुत अच्छी तरह उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक हुनर को नई पहचान मिलती है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है। श्री पूनम चंद ने हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस पहल से बेहद खुश हैं और भविष्य में भी इस तरह के मेलों के आयोजन की अपेक्षा करते हैं।