
समाधान शिविर की शिकायतों का प्राथमिकता से निवारण करें अधिकारी: डीसी आयुष सिन्हा
- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में शिकायत समीक्षा बैठक आयोजित
- समाधान शिविर की समीक्षा बैठक में डीसी ने अधिकारियों को दिए सख्त दिशा-निर्देश
फरीदाबाद, 02 जनवरी।
उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। डीसी आयुष सिन्हा आज लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा (वीसी के माध्यम से) समाधान शिविर की समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समाधान शिविर की शिकायतों का प्राथमिकता से निवारण करें अधिकारी
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिकायत निवारण की प्रक्रिया में यह आवश्यक है कि शिकायतकर्ता समाधान से पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान हो चुका है, उन्हें संबंधित पोर्टल से समय पर हटाया जाए, ताकि पेंडेंसी का गलत आंकड़ा सामने न आए और वास्तविक लंबित मामलों पर प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।
विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक विभाग में स्पष्ट जिम्मेदारी चार्ट तैयार किया जाए और संबंधित अधिकारियों को नाम सहित जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी एक अधिकारी के स्थानांतरण या अनुपस्थिति से कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित सभी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की पूरी जानकारी रखें और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निवारण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन तथा जनता के बीच विश्वास बढ़ाना है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि कई बार शिकायतें बहु-विभागीय होती हैं, जिन्हें केवल एक विभाग ही हल नहीं कर सकता। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे ऐसी शिकायतों को संबंधित विभागों को तुरंत अवगत कराएँ और संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि समस्याएं लंबित न रहें और जनता को समय पर राहत मिल सके।
सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर का लाभ उठाने की अपील
डीसी आयुष सिन्हा ने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं। डीसी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं समाधान शिविर से जुड़कर शिकायतों पर किए गए निवारण की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या कोताही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में डीसीपी उषा कुंडू, नगर निगम एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा एडीसी सतबीर मान, बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद एसडीएम अंत कुमार, बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।