ऐतिहासिक कलाकृतियों से परिचित हुए मीडिया विभाग के विद्यार्थी
ऐतिहासिक कलाकृतियों से परिचित हुए मीडिया विभाग के विद्यार्थी - नेशनल गैल…
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जिलाधीश विक्रम सिंह ने फसल अवशेष जलाने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध
- नियमों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश
- पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी तकनीकों का उपयोग करें: विक्रम सिंह
फरीदाबाद, 04 अक्तूबर।
जिलाधीश एवं उपायुक्त विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत जिला में धान एवं अन्य फसलों की कटाई के बाद फसल अवशेषों/पराली के जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं (स्मॉग) वातावरण को प्रदूषित करता है और मानव एवं पशु स्वास्थ्य पर अत्यंत दुष्प्रभाव डालता है। साथ ही, इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता घटती है, जिससे आगामी फसलों की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
जिलाधीश विक्रम सिंह ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा भी फसल अवशेषों के जलाने पर रोक लगाने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। जिसके अंतर्गत जुर्माने का भी प्रावधान है। हरियाणा सरकार द्वारा भी किसानों से अपील की गई है कि वे पराली न जलाएं तथा इसके प्रबंधन के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी तकनीकों का उपयोग करें।
उन्होंने किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग और जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने के निर्देश दिए है। साथ ही, संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर पराली जलाने की घटना न हो।
जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली 2023 की धारा-223 तथा वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।