Adivi Sesh Talks about juggling two roles at once, shifting Between Raw Desi Grit in his next Dacoit and a more suave global intelligence spy in G2
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न्यायमूर्ति लिसा गिल के दिशानिर्देशों पर राज्य भर में लोक अदालतों का आयोजन, फरीदाबाद रहा अग्रणी
- राष्ट्रीय लोक अदालत में 68,530 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा
फरीदाबाद, 13 सितम्बर।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं न्यायमूर्ति पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़ माननीय लिसा गिल के दिशा निर्देशानुसार हरियाणा प्रांत में प्रत्येक जिले के अंदर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में जिला फरीदाबाद के सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संदीप गर्ग की अध्यक्षता एवं निर्देशानुसार, श्रीमती रितु यादव मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख, में आज जिला अदालत सेक्टर 12, फरीदाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस लोक अदालत में 18 बेंच लगाए गए जिनमें श्री पुरुषोत्तम कुमार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री राजेश कुमार यादव अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति लंबा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री विनीत सपरा अतिरिक्त प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट श्री उपेंद्र सिंह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निधि जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रगति राणा जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संचित सिंह जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीपाली सिंगल जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिज्ञासा शर्मा जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वंदना डिलन जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रजत कुमार कनौजिया न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वीरेंद्र कुमार न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रमणीक कौर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डॉक्टर सारिका न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पारस चौधरी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी प्रियंका वर्मा जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ शर्मा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की बेंच बनाई गई जिनमें 104626,केस रखे गए, जिनमें से कुल 68530 केसों का निपटारा/ आपसी सहमति से लोक अदालत द्वारा किया गया जिनमें मोटर वाइकल दुर्घटना 49, छोटे-मोटे अपराधिक मामले 9065, चेक बाउंस 424, बिजली से संबंधित 700, समरी चालान 50989, वैवाहिक संबंधित 79, दीवानी 2267, बैंक रिकवरी 1694, रेवेन्यू 3210, लेबर डिस्प्यूट 12 पानी से संबंधित 41 का निपटारा आपसी सहमति से किया गया और सभी व्यक्ति अपने अपने कैस के फैसले से संतुष्ट होते हुए खुशी-खुशी अपने घर गए रितु यादव ने बताया कि आज की लोक अदालत में लोगों का ट्रैफिक केसों को लेकर लोगों का रुझान रहा यानी की इस लोक अदालत में अधिक से अधिक ट्रैफिक चालान से संबंधित केसों का निपटारा किया गया इस अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि लोक अदालत में फैसला होने पर जिसकी सुप्रीम कोर्ट तक कोई अपील नहीं होती कोर्ट फीस वापस हो जाती है तथा केस का फैसला हमेशा हमेशा के लिए हो जाता है जिससे पैसे व समय की बचत होती है तथा आपस में प्यार भाव बना रहता है।