कमजोर डॉलर और वायरस के नए स्ट्रेन का असर क्रूड पर हुआ और सोने को लाभ मिला

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New Delhi News, 06 Jan 2021 : सितंबर 2019 में सामने आए कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन कई देशों में कहर बरपा रहा है। ऐसी आशंकाएं हैं कि इसकी वजह से कई देशों में लॉकडाउन को लेकर नई घोषणाएं होंगी। यू.के. में तो नए सिरे से प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अमेरिका में जार्जिया के चुनाव परिणामों से जुड़ी चिंता के साथ-साथ लिक्विडिटी इंफ्यूजन के कारण डॉलर दबाव में रहा।

सोना
जॉर्जिया के चुनाव परिणामों से जुड़ी चिंताओं के कारण डॉलर पर दबाव पड़ा। इससे पीली धातु अन्य मुद्रा धारकों के लिए सस्ती हो गई। सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतें 2 प्रतिशत बढ़कर 1,942.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुईं। सोने में यह लाभ काफी हद तक इस वजह से था कि मुद्रा की दुर्बलता, बाजार की अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के खिलाफ सोने को एक सुरक्षित असेट माना जाता है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य भी नए वायरस स्ट्रेन पर बढ़ती चिंताओं से छाया रहा। ब्रिटेन, जहां वायरस के नए स्ट्रेन का पता चला था, उन देशों में शामिल है, जिन्होंने जहां नए सिरे से लॉकडाउन लगाया गया है। इसी तरह के फैसले जापान और दक्षिण अफ्रीका में भी लिए जा सकते हैं। अमेरिकी डॉलर में कोई भी रिवाइवल सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, नए वायरस के स्ट्रेन के कारण कीमतें बढ़ने की उम्मीद है।

क्रूड ऑइल
सोमवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 47.6 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुईं, जो 1.9 प्रतिशत कम रही। यह कमजोर डॉलर के बावजूद था क्योंकि अमेरिकी इक्विटी में गिरावट और मांग की धूमिल संभावनाएं तेल की मांग को कमजोर कर रही थीं। यूके के साथ कई बाजारों में लॉकडाउन की नई लहर सामने आ सकती है। यूके में तो पहले ही फुल लॉकडाउन लग चुका है। इसने कच्चे तेल की मांग को कम कर दिया है और कीमतों को नीचे की ओर धकेल दिया है। ओपेक+ में एक गतिरोध की सूचना मिली थी, जिसमें फरवरी में आउटपुट बढ़ाने को लेकर ओपेक और रूस सहित सहयोगी शामिल हैं। नए प्रतिबंधों को लेकर चिंताओं के कारण संदेह प्रबल हुआ है। हालांकि,
कच्चे माल को अमेरिकी स्टॉक में गिरावट से समर्थन प्राप्त हुआ। एनर्जी इंफर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के अनुसार 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 4.8 मिलियन बैरल की गिरावट आई थी निकट अवधि में कमजोर डिमांड पूर्वानुमान के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है।

बेस मेटल्स
एलएमई पर बेस मेटल की कीमतें सोमवार को पॉजिटिव रही और इसमें भी निकल की कीमतें सबसे तेजी से आगे निकली। यू.एस. डॉलर की कमजोरी के साथ अच्छे औद्योगिक आंकड़ों के प्रोत्साहन से औद्योगिक धातुओं को कुछ समर्थन मिला। यू.एस. में स्टिमुलस पुश ने डॉलर पर दबाव डाला। स्टील में बढ़त निकेल की कीमतों में भी दिखी क्योंकि यह बेस मेटल का प्राइमरी कंज्यूमिंग सेग्मेंट है। इस्पात बनाने में इस्तेमाल होने सामग्री की मांग में स्थिर बढ़ोतरी और कच्चे माल के सीमित सप्लाई की वजह से चीन में कोक फ्यूचर्स की कीमतों को बढ़ा दिया। इसके कच्चे माल के बीच भी तेजी की भावना देखी गई। दिसंबर-2020 में चीन की औद्योगिक गतिविधियों में मामूली गति से वृद्धि हुई क्योंकि बढ़ते लागत दबाव ने इस घटनाक्रम को कमजोर कर दिया। हालांकि, महामारी और कमजोर डिमांड आउटलुक के
व्यापक प्रभाव पर चिंताओं ने औद्योगिक धातु के लिए लाभ सीमित कर दिया। सोमवार को, एलएमई कॉपर 7,860.5 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ। इसमें कमजोर डॉलर और चीन में उसकी कीमतों को समर्थन देने वाले स्थिर औद्योगिक विकास के बावजूद लगभग 1.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर में रिवाइवल और संक्रमित कोविड-19 रोगियों की संख्या में खतरनाक वृद्धि से जुड़ी चिंताओं का असर औद्योगिक धातु की कीमतों पर हो सकता है।

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