वेद मंत्रों के सुरस्वर ज्ञान से विचारों की शुद्धी होती हैं : साध्वी वैष्णवी भारती

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New Delhi News, 30 Nov 2019 : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा मयूर विहार, फेज 2, दिल्ली में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हवन यज्ञ से किया गया जिसमें संस्थान के संस्थापक एवं संचालक गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के वेदा आचार्य ने हवन कुंड में आहुति डालकर हवन यज्ञ का शुभारंभ किया| इस दौरान कथा वाचिका व अन्य प्रचारकों ने हवन यज्ञ में विश्व शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए आहुति डाली। उसके बाद यज्ञ में शामिल यजमानों ने हवन किया।इसके उपरांत यज्ञ में आए अन्य लोगों ने भी आहुति डालकर सुख, समृद्धि व शांति की कामना की।इस अवसर पर कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती जी ने बताया की यज्ञ एक सनातन वैदिक परम्परा हैं जिसमें वेद मंत्रो के उच्चारण के साथ-साथ बहुत सी शुभ सामग्री का होम किया जाता है| भारतीय संस्कृति में यज्ञ पद्धति का बहुत महत्व हैं| यज्ञ पद्धति पूर्णतः विज्ञा सम्पत है| साध्वी जी ने आगे बताया कि प्राचीन काल के ऋषि-मुनि शारीरिक, मानसिक एवं अध्यात्मिक लाभ के लिए यज्ञ किया करते थे| शारीरिक लाभ यानि व्यक्ति के शरीर को लगने वाले भयंकर रोग शुद्ध वायु के सेवन से दूर हो जाते थे| उन्होंने कहा कि मानसिक लाभ यह मिलता था कि वेद मन्त्रों के सुरस्वर ज्ञान से विचारों की शुद्धी होती है| एक ब्रह्मनिष्ठ संत की कृपा से हमारे ही अन्तःकरण में ईश्वर के प्रकाश को प्रतिपादित करते है, हवन यज्ञ हमें यही सन्देश देता है|

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