तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, व्यवस्थाओं को लेकर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने की समीक्षा बैठक
- 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा तीसरा सूरजकुंड दिवाली मेला-2026, 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे शुभारंभ
- मेले में लगेंगी लगभग 300 स्टॉल, देशभर के हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक उत्पादों की दिखेगी झलक
- आमजन के लिए चारों दिन प्रवेश रहेगा निःशुल्क, पार्किंग, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
फरीदाबाद, 21 अक्टूबर।
जिला फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला परिसर में 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन के लिए उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्धारित समय-सीमा में गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि मेले का शुभारंभ 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने कहा कि दिवाली के उल्लास और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को समर्पित यह चार दिवसीय आयोजन आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उन्होंने बताया कि मेले में लगभग 300 स्टॉल लगाई जाएंगी, जहां देश के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, घर की सजावट से संबंधित सामान और दिवाली के लिए उपयोगी वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध होगी। यह मेला शिल्पकारों और कारीगरों को अपने हुनर एवं उत्पादों को प्रदर्शित करने तथा उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले आगंतुकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पेयजल, साफ-सफाई, पर्याप्त पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यकता के अनुसार पानी का छिड़काव करने तथा लोगों की सुविधा के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और आगंतुकों को जाम अथवा पार्किंग संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले के चारों दिन आमजन के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। ऐसे में शहरवासी अपने परिवार के साथ मेले में पहुंचकर भारतीय कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मेले का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में सीईओ जिला परिषद शिखा, बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल, एचएसवीपी एस्टेट अधिकारी नवीन कुमार, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।