1. बजरंग बली के भक्तों के अदालत से बरी होने पर भक्तों में नहीं रही खुशी की सीमा : डा. राजेेश भाटिया

  2. आज एक बार फिर अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की व् अन्याय पर न्याय की जीत हुई : डॉ राजेश भाटिया        
     
    फरीदाबाद।
    फरीदाबाद के बहुचर्चित सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्किट नं 1 में हुए लाठीचार्ज व् गिरफ़्तारी  प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीपक यादव की अदालत ने डा. राजेश भाटिया सहित सभी नामजद लोगों को आरोपमुक्त करते हुए उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया। इस मामले में शामिल होने के परिजनों को जैसे ही इसका पता चला तो उस सभी में खुशी की सीमा नहीं रही। सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्किट नं 1 में जैसे ही यह समाचार पहुंचा, वहां उत्सव का माहौल बन गया। सभी ने देश की न्यायपालिका के प्रति अपना आभार जताया और मंदिर में ढोल नगाड़ों के माध्यम से जश्न मनाते हुए इस फैसले का स्वागत किया। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षाे पूर्व दिनांक 17 अक्टूबर 2018 में जब दशहरा पर्व के अवसर पर लंका दहन की शोभायात्रा निकाली जा रही थी, उस दौरान लाठीचार्ज व् गिरफ़्तारी की घटना हुई थी। घटना के बाद पुलिस द्वारा डॉ. राजेश भाटिया, अनिल अरोड़ा, वरुण ग्रोवर, मनोज कुमार, पंकज भाटिया, महेंद्र कपूर, साहिल नोनिहाल, प्रदीप भाटिया, मन्नू भाटिया के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 148, 149, 186, 332, 353 एवं 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार आज दिनांक 07.10.2026 को सभी भक्तों  को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत में अभियोजन पक्ष पर आरोपों को गवाहों एवं साक्ष्यों के माध्यम से सिद्ध करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन न्यायालय में प्रस्तुत गवाही एवं साक्ष्य आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सिद्ध करने में असफल रहा।  न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माननीय न्यायालय ने डॉ. राजेश भाटिया, अनिल अरोड़ा, वरुण ग्रोवर, मनोज कुमार, पंकज भाटिया, महेंद्र कपूर, साहिल नोनिहाल, प्रदीप भाटिया, मन्नू भाटिया को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया। इस अवसर पर डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि उन्हें शुरू से ही देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था कि सत्य, न्याय और धर्म की हमेशा जीत होती है। उन्होंने अपने अधिवक्ताओं भूपेश जोशी एवं तरुण भाटिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे मामले में मजबूती के साथ पक्ष रखा, जिसके चलते उन्हें न्याय मिल पाया। डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि माननीय न्यायालय के निर्णय से आज वह बहुत ही राहत महसूस कर रहे है और देश की न्यायपालिका पर उनका भरोसा और भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में पूरी निष्ठा के साथ समाज की सेवा करते रहेंगे।