चिन्मय मिशन प्रस्तुत करता है ‘अवेकनिंग’ — स्वामी चिन्मयानंद पर बनी एक संगीतमय जीवनी। इसे निर्देशक मणि शंकर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ अंजलि जोशी ने तैयार किया है, जिसमें पूज्य स्वामी स्वरूपानंद जी की प्रेरणा और आशीर्वाद शामिल हैं।
New Delhi News : प्रधानमंत्री द्वारा स्वामी चिन्मयानंद के ‘इंटरैक्टिव होलोबॉट’ का आधिकारिक अनावरण। चिन्मय मिशन द्वारा प्रस्तुत इस होलोबॉट को मणि शंकर और भैरव शंकर ने स्वामी स्वरूपानंद जी के आशीर्वाद और प्रेरणा से डिज़ाइन और तैयार किया है।
२५ अक्टूबर २०२६ को रिलीज़ होने वाली इस बहुप्रतीक्षित फ़िल्म में स्वामी चिन्मयानंद की असाधारण यात्रा और उनके दृष्टिकोण को ‘ब्रॉडवे-शैली’ के सिनेमाई अनुभव के ज़रिए बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया गया है।
स्वामी चिन्मयानंद पर बनी बहुप्रतीक्षित संगीतमय जीवनी ‘अवेकनिंग’ की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस, २५ अक्टूबर २०२६ को होने वाली फ़िल्म की रिलीज़ से पहले आयोजित की गई। चिन्मय मिशन द्वारा प्रस्तुत यह फ़िल्म स्वामी चिन्मयानंद के असाधारण जीवन, उनकी यात्रा और उनके दृष्टिकोण को एक अनोखे संगीतमय अंदाज़ में बड़े पर्दे पर दिखाती है, जिससे उनकी प्रेरणादायक विरासत दर्शकों तक पहुँचती है।
‘ब्रॉडवे-शैली’ के सिनेमाई अनुभव के रूप में तैयार की गई ‘अवेकनिंग’ संगीत, कहानी कहने की कला और दृश्य कला को एक साथ लाती है। यह एक ऐसे आध्यात्मिक दूरदर्शी की यात्रा को दर्शाती है, जिनकी शिक्षाएँ और दर्शन आज भी कई पीढ़ियों के लोगों को प्रेरित करते हैं। यह फ़िल्म दर्शकों को एक प्रभावशाली सिनेमाई कहानी के ज़रिए उनके जीवन और विचारों से परिचित कराती है।
इस फ़िल्म को बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक और आविष्कारक मणि शंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ और निर्माण रूपांकन विशेषज्ञ अंजलि जोशी के साथ मिलकर तैयार किया है। उनकी इस साझेदारी ने सिनेमाई कहानी, अभिनव डिज़ाइन और तकनीक को मिलाकर फ़िल्म को एक अनूठा रूप दिया है।
संगीत, सिनेमा और आध्यात्मिकता के मेल से बनी ‘अवेकनिंग’ दर्शकों को एक ऐसा शानदार अनुभव देने का प्रयास करती है, जो स्वामी चिन्मयानंद के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके स्थायी प्रभाव का उत्सव मनाता है।
निर्देशक मणि शंकर ने कहा, “'अवेकनिंग' को साकार करना एक अनोखा रचनात्मक सफर रहा है। स्वामी चिन्मयानंद का जीवन बदलाव, उद्देश्य और ज्ञान की खोज की एक सशक्त कहानी पेश करता है। हमारा लक्ष्य उनके इस असाधारण सफर को एक ऐसे सिनेमाई अनुभव में बदलना था, जो पारंपरिक जीवनी-आधारित कहानियों से कहीं आगे हो। ब्रॉडवे-शैली के प्रारूप ने हमें संगीत, भावनाओं और दृश्यों के माध्यम से कहानी कहने की कला को इस तरह से एक साथ लाने का मौका दिया, जिससे उनका सफर आज के दर्शकों के लिए दिलचस्प बन सके और साथ ही उनकी विरासत की मूल भावना भी पूरी तरह से बनी रहे।”
कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ अंजलि जोशी ने कहा, “'अवेकनिंग' पर काम करते हुए हमें यह जानने का अवसर मिला कि तकनीक और डिज़ाइन किस तरह सिनेमाई कहानी कहने की संभावनाओं को और बढ़ा सकते हैं। हमारा ध्यान एक ऐसी दृश्य दुनिया बनाने पर था, जो संगीत और कहानी के साथ तालमेल बिठा सके और दर्शकों को स्वामी चिन्मयानंद के सफर के अलग-अलग चरणों से जुड़ने में मदद करे। निर्माण रूपांकन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित संभावनाओं को शामिल करना एक बेहद रोमांचक रचनात्मक प्रक्रिया थी। हम चाहते थे कि हर दृश्य तत्व कहानी को निखारे, न कि कहानी के मूल सार को दबा दे।”
नोट: पूज्य स्वामीजी के कथन को उनके द्वारा बोले गए शब्दों के रूप में ही लिया जाए।