धान खरीद की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक
धान खरीद की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवा…
धान खरीद की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवा…
फरीदाबाद, 11 अक्टूबर
सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, 1-बी ब्लॉक, एनआईटी फरीदाबाद में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ माता रानी की ज्योति प्रचंड की गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री भारत अशोक अरोड़ा जी ने विपिन कुमार, कमल अरोड़ा, राकेश पंडित, राकेश वाधवा, पुनीत वासुदेव एवं जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता की ज्योति प्रज्ज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री भारत अशोक अरोड़ा ने कहा, "मां दुर्गा की उपासना का यह पावन पर्व आज से प्रारंभ हो रहा है। शारदीय नवरात्र को पूरे देश में बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।"
उन्होंने कहा कि वर्ष में दो बार नवरात्र आते हैं - चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र। नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है।
श्री अरोड़ा ने नवरात्र की पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब भगवान श्रीराम रावण से युद्ध कर रहे थे, तब रावण देवी अपराजिता का उपासक था, जिससे उसे हर दिशा में विजय प्राप्त होती थी। अधर्म पर धर्म की विजय के लिए श्रीराम ने नौ दिनों तक देवी अपराजिता की कठोर आराधना की और 108 कमल पुष्प अर्पित किए। परीक्षा के तौर पर देवी ने एक पुष्प कम कर दिया, तो श्रीराम ने अपनी आंख अर्पित करने का संकल्प लिया, जिसे देखकर देवी प्रसन्न हुईं और उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन श्रीराम ने रावण का वध किया, तभी से नवरात्र के बाद दशहरे का पर्व मनाया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रधान श्री भूपेंद्र कुमार जी ने सभी आए हुए भक्तों और संगत का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
इस शुभ अवसर पर प्रमुख रूप से सतीश वाधवा, हरीश माटा, हरीश कुमार, मनोहर नागपाल, भारत भूषण भसीन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
🏹जय माता दी!🏹