प्रत्येक दावे एवं आपत्ति का निर्धारित समय सीमा में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करें निपटारा : जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा

- बीएलओ स्तर पर प्राप्त आवेदनों की नियमित निगरानी करें अधिकारी, पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करना करें सुनिश्चित

- मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य : उपायुक्त आयुष सिन्हा

- स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित मामलों का भी नियमानुसार सत्यापन कर की जाए आवश्यक कार्रवाई

फरीदाबाद, 12 अगस्त। 
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर-2026 की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि दावे एवं आपत्तियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार निर्णय लिया जाए। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे तथा अपात्र नामों को नियमों के तहत हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने सभी निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर तक एसआईआर कार्य की नियमित समीक्षा करें। बीएलओ द्वारा प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की जानकारी समय पर संबंधित स्तर पर उपलब्ध करवाई जाए तथा सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जहां किसी प्रकरण में अतिरिक्त दस्तावेज अथवा सत्यापन की आवश्यकता हो, वहां नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित नागरिक को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए इसके पुनरीक्षण कार्य में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनकी नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित अवधि के भीतर सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र में नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और उन्हें दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में उचित जानकारी दें। साथ ही, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित मामलों का भी नियमानुसार सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की सूची समय-समय पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा इस पूरी प्रक्रिया में बीएलए-1 तथा बीएलए-2 की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि एसआईआर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सहभागी तरीके से पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रत्येक दिशा-निर्देश की निष्ठा ईमानदारी से अनुपालना सुनिश्चित करें।