पॉक्सो अधिनियम बच्चों की सुरक्षा का सशक्त कानूनी कवच : सीजेएम जितेंद्र सिंह

- डीएलएसए ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून और बाल अधिकारों के प्रति किया जागरूक

फरीदाबाद, 15 जुलाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), फरीदाबाद द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अजरौंदा, सेक्टर-15, फरीदाबाद में "बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012" विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। 

कार्यक्रम का आयोजन जिला फरीदाबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद संदीप गर्ग के कुशल मार्गदर्शन तथा सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जितेंद्र सिंह की उपस्थिति एवं देखरेख में किया गया।

शिविर में विद्यालय के शिक्षक, विधिक साक्षरता प्रभारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजेएम जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, जांच प्रक्रिया, दोषियों के लिए सजा तथा पीड़ित बच्चों को उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है तथा ऐसे मामलों में नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता।

मुख्य रक्षा अधिवक्ता रविन्द्र गुप्ता ने पॉक्सो अधिनियम के तहत अनिवार्य सूचना (Mandatory Reporting) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ यौन अपराध होने की जानकारी या संदेह हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित प्राधिकारी को देना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है। उन्होंने सपोर्ट पर्सन एवं बाल पीड़ितों के लिए विधिक सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि विधिक सहायता अधिवक्ता एवं सपोर्ट पर्सन पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान बच्चे के अधिकारों की रक्षा और सहयोग सुनिश्चित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के विधिक साक्षरता प्रभारी तेजपाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद का आभार व्यक्त किया। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा पॉक्सो अधिनियम से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए।