स्वयं सहायता समूहों को डेयरी के लिए मिलेगी शमलात भूमि : शिखा
- 500 वर्ग गज तक जमीन 5 साल के लिए लीज पर दी जाएगी
फरीदाबाद, 29 जुलाई। हरियाणा सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स रेगुलेशन नियम-1964 के नियम 6(5) के तहत HSRLM से पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को शमलात देह की भूमि डेयरी स्थापित करने के लिए लीज पर देने का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत डिप्टी कमिश्नर ग्राम पंचायत की 500 वर्ग गज तक भूमि 5 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर देने के लिए सक्षम अधिकारी होंगे। डेयरी का संचालन संतोषजनक पाए जाने पर HSRLM के प्रमाणन के आधार पर लीज अवधि को आगे 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
यदि एक से अधिक स्वयं सहायता समूह आवेदन करते हैं, तो ग्राम स्तरीय कमेटी जिसमें सरपंच, एससी पंच, महिला पंच, डीपीएम HSRLM तथा ग्राम सचिव शामिल होंगे, लॉटरी के माध्यम से चयन करेगी। योजना के लिए वही समूह पात्र होंगे जो HSRLM से पंजीकृत हों, कम से कम एक वर्ष से सक्रिय हों, बचत एवं ऋण का नियमित रिकॉर्ड रखते हों, समूह के सभी सदस्य संबंधित ग्राम पंचायत के निवासी हों तथा समूह में न्यूनतम 10 सदस्य और बैठकों में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति हो। साथ ही किसी भी सरकारी योजना या बैंक में बकाया अथवा विवाद नहीं होना चाहिए और समूह के किसी सदस्य या उसके परिवार के पास परिवार पहचान पत्र के अनुसार 500 वर्ग गज या उससे अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
सीईओ जिला परिषद शिखा ने बताया कि इच्छुक स्वयं सहायता समूह उपयुक्त शमलात भूमि की पहचान कर सीईओ जिला परिषद, बीडीपीओ या सीधे ग्राम पंचायत को आवेदन कर सकते हैं। ग्राम पंचायत को 3/4 बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होगा तथा ग्राम सभा से 1/10 या 300 सदस्यों में से जो कम हो, उसके समर्थन का प्रस्ताव भी आवश्यक होगा। इसके बाद प्रस्ताव बीडीपीओ के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली कमेटी के अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक समूह सीईओ जिला परिषद कार्यालय तथा HSRLM के जिला एवं खंड कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं।