अचानक निरीक्षण और सघन जांच से अवैध खनन पर लगेगी रोक : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया
- फरीदाबाद में अवैध खनन नियंत्रण को लेकर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया की समीक्षा बैठक
फरीदाबाद, 28 जुलाई।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया की अध्यक्षता में जिला खनन निगरानी तथा अवैध खनन नियंत्रण से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग, खनन विभाग, जिला प्रशासन, परिवहन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में स्वीकृत खनन क्षेत्रों की स्थिति, जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) फंड के उपयोग, पर्यावरणीय अनुपालन तथा अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने जिले में संचालित स्वीकृत खनन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, उनकी वैधता अवधि तथा पिछले दो महीनों में हुई गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से खनन पट्टों की अवधि, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एनजीटी के प्रावधानों के अनुसार नए और उच्च मूल्य वाले खनन मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं अन्य निर्धारित शुल्क अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार लागू होते हैं, जबकि खनन सामग्री की मात्रा के आधार पर अतिरिक्त शुल्क भी निर्धारित किया जाता है।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने जिला खनिज फाउंडेशन फंड के संबंध में जानकारी लेते हुए पूछा कि स्वीकृत खनन क्षेत्रों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत खनन परियोजनाओं से निर्धारित प्रतिशत राशि डीएमएफ में जमा कराई जाती है। इस पर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने निर्देश दिए कि डीएमएफ फंड का उपयोग जिले में सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं तथा सामुदायिक विकास से जुड़े प्रभावी कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा इसके लिए उपयोगी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
बैठक में खनन एवं परिवहन से जुड़े वाहनों की वैधता, फिटनेस, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों की ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों की जांच की जाती है तथा आवश्यकतानुसार फिटनेस और अन्य अनुमतियों का सत्यापन भी किया जाता है। एडीसी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करें कि बिना वैध दस्तावेजों, फिटनेस प्रमाणपत्र या आवश्यक अनुमति के कोई भी वाहन सड़क पर संचालित न हो।
अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में वाहनों की जांच की गई है तथा कई वाहनों को सीज भी किया गया है। एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि प्रवर्तन अभियान नियमित, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से जारी रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या कार्रवाई खुफिया सूचना, स्थानीय इनपुट या नियमित निरीक्षण के आधार पर की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन में संलिप्त लोग अक्सर वाहनों को छिपाने और स्थान बदलने का प्रयास करते हैं, इसलिए कई बार अचानक निरीक्षण और सघन जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करनी पड़ती है।
एडीसी ने निर्देश दिए कि अवैध खनन, ओवरलोड परिवहन तथा पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन से संबंधित सभी मामलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए और विभागों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग आपसी समन्वय के साथ संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाएं, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
बैठक में आरटीए सचिव मुनीश सहगल सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।