मतदाता पुनरीक्षण अभियान में बीएलए निभाएं सक्रिय भूमिका

- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग का किया आह्वान


फरीदाबाद, 03 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत आज एडीसी-सह-ईआरओ एनआईटी विधानसभा अंजलि श्रोत्रिया के मार्गदर्शन में एडीसी कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा राजनीतिक दलों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया गया।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की प्रगति की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए निर्वाचन से जुड़े अधिकारी एवं कानूनगो तिलक ने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म संग्रहण की प्रगति के लिए बीएलओ को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए तथा फॉर्म भरने एवं आवश्यक जानकारी खोजने के कार्य में अतिरिक्त मानव संसाधन लगाया जाए, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास वर्ष 2002 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो उसकी जन्म तिथि के अनुसार आवश्यक दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। वर्ष 1987 से पूर्व जन्मे मतदाता अपनी पहचान एवं निवास संबंधी किसी भी वैध दस्तावेज के आधार पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, जबकि अन्य श्रेणी के मतदाता जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट अथवा अन्य निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध करा सकते हैं। लेकिन आधार कार्ड अकेले नागरिकता अथवा पात्रता का प्रमाण नहीं माना जाएगा और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी तथा 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि में पात्र मतदाता आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना दावा प्रस्तुत कर सकेंगे।

विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने-अपने बीएलए के माध्यम से प्रस्तावित विलोपन सूची का सत्यापन करें और समय रहते संबंधित आपत्ति का दावा प्रस्तुत कराएं। प्रस्तावित विलोपन सूची सार्वजनिक स्थलों, मतदान केंद्रों, नगर निगम एवं पंचायत कार्यालयों सहित मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी तथा इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मतदाता इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।

उन्होंने सभी बीएलओ, बीएलए तथा संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे 14 जुलाई की अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अधिक से अधिक मतदाताओं के प्रपत्र समय रहते एकत्रित कर उनका डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में बनाए रखना है तथा किसी भी पात्र मतदाता को सूची से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।

बैठक में बीजेपी से मनीष गुलाटी, अश्विनी गुलाटी, गायत्री देवी व बीएलए-1 महेश लोहिया, जेजेपी से प्रेम सिंह धनकड़, आईएनएलडी जीत सिंह, कांग्रेस पार्टी से बलजीत कौशिक, पीएस डागर, आप पार्टी से रविंदर, बीएसपी से कमल, मनोज सहित अन्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।