ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाएं विशेष अभियान : डीसी आयुष सिन्हा
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ की योजनाओं की समीक्षा
फरीदाबाद, 18 जुलाई। हरियाणा सरकार में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उपायुक्तों, अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित शपथ-पत्र, विभागीय उत्तर एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज शनिवार को शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माद्यम से समीक्षा बैठक की । उन्होंने कहा कि सभी जिलों में विभागीय पोर्टलों पर डेटा अपलोड, प्रगति रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं ताकि राज्य स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। साथ ही मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा अभियान, विद्यालयों में चल रहे सिविल कार्यों, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों, पीएम-श्री एवं अन्य मॉडल विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने कहा कि विद्यालयों में चल रहे सिविल वर्क्स, अधोसंरचना विकास परियोजनाओं तथा पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकें। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों एवं लंबित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं, उन्हें शीघ्र स्वीकृति दिलाकर कार्य प्रारंभ किया जाए तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों एवं लंबित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं, उन्हें शीघ्र स्वीकृति दिलाकर कार्य प्रारंभ किया जाए तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए सरकारी विद्यालयों में 100 प्रतिशत नामांकन (ऑन-बोर्डिंग) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉपआउट) की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों के समाधान हेतु पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।