किआ इंडिया को ऑटोमोटिव 2026 में 'इंडिया'ज़ बेस्ट वर्कप्लेसेस के रूप में पहचान मिली

नई दिल्ली, भारत, 08 जुलाई 2026: भारत की प्रमुख कार कंपनियों में से एक, किआ इंडिया को ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया ने ऑटोमोटिव 2026 में 'इंडिया'ज़ बेस्‍ट वर्कप्लेसेस' के रूप में सम्‍मानित किया है। यह सम्मान दिखाता है कि किआ इंडिया अपने कर्मचारियों को एक ऐसा माहौल देने के लिए लगातार काम कर रही है जहाँ भरोसा, मिलकर काम करना और लगातार सीखना शामिल है। यहाँ कर्मचारियों को आगे बढ़ने, कुछ नया करने और कंपनी की सफलता में अपना योगदान देने की पूरी आज़ादी मिलती है।

यह सम्मान किआ इंडिया को इस साल की शुरुआत में मिले लगातार दूसरे 'ग्रेट प्लेस टू वर्क® सर्टिफिकेशन™' के बाद मिला है। इससे यह साफ होता है कि कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए एक बेहतरीन और बराबरी का माहौल बनाने पर लगातार ध्यान दे रही है। एक ऐसा माहौल देकर जहाँ कर्मचारियों की कद्र की जाती है, उनका सम्मान किया जाता है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा दिया जाता है, किआ इंडिया अपने बिजनेस को बढ़ाने के साथ-साथ 'कर्मचारियों को सबसे आगे रखने' की अपनी सोच को और मजबूत कर रही है।

यह मूल्यांकन ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया के सख्‍त वर्कप्लेस कल्चर फ्रेमवर्क पर आधारित है। किआ इंडिया ने 76% का कुल ट्रस्ट इंडेक्स™ स्कोर हासिल किया, जिसमें 93% कर्मचारियों ने भाग लिया। यह कंपनी की 'पीपुल-फर्स्ट' संस्कृति में कर्मचारियों के ऊंचे भरोसे, जुड़ाव और विश्वास को दर्शाता है।

इस सम्मान पर बात करते हुए, किआ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, श्री ग्वानगु ली (अथवा श्री ग्वांगगु ली) ने कहा, "हमारे लोग हमेशा से किआ इंडिया के इस शानदार सफर की असली ताकत रहे हैं। ऑटोमोटिव 2026 में 'इंडियाज़ बेस्ट वर्कप्लेसेस™' में शामिल होना हमारी उस संस्कृति का एक गौरवपूर्ण प्रमाण है जिसे हमने मिलकर बनाया है, एक ऐसी संस्कृति जो नई सोच, लगातार सीखने, आपसी सम्मान और कुछ सार्थक करने की आज़ादी को बढ़ावा देती है। हम एक ऐसा माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं जहाँ हर कर्मचारी खुद को मूल्यवान, सशक्त और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित महसूस करे। यह सम्मान किआ इंडिया परिवार के हर एक सदस्य का है, जिनका जुनून, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता हमारी सफलता को आगे बढ़ा रही है और हमारे संगठन के भविष्य को संवार रही है।"

इस अवसर पर बात करते हुए, ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया के सीईओ, श्री बलबीर सिंह ने कहा, "यह मान्यता अपने लोगों के लिए विश्वास, सम्मान, सहयोग और देखभाल पर आधारित कार्यस्थल संस्कृति बनाने के प्रति किआ इंडिया की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किआ इंडिया ने यह साबित किया है कि जब कर्मचारी खुद को सशक्त, मूल्यवान और प्रेरित महसूस करते हैं, तो वे नए विचार ला सकते हैं, ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव दे सकते हैं और व्यवसाय को लगातार सफल बना सकते हैं। हम किआ इंडिया की लीडरशिप टीम और हर एक कर्मचारी की सराहना करते हैं, जिन्होंने एक ऐसी बेहद भरोसे और उच्‍च प्रदर्शन वाली संस्‍कृति बनाई है जो ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। हम उन्हें एक और भी अधिक समावेशी और प्रेरणादायक कार्यस्थल बनाने के उनके सफर में आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हैं।"

किआ इंडिया की तरक्की में उसके कर्मचारी ही सबसे खास हिस्सा हैं। कंपनी अपने कर्मचारियों को आने वाले समय के लिए तैयार कर रही है। इसके लिए उन्हें नई चीजें सिखाने वाले प्रोग्राम, लीडरशिप ट्रेनिंग और उनकी भलाई के लिए कई तरह के काम किए जा रहे हैं। साथ ही, कंपनी बातचीत का ऐसा खुला माहौल दे रही है जिससे लोग मिलकर काम कर सकें, नए आइडिया सोच सकें और लगातार बेहतर बन सकें। किआ इंडिया का मानना है कि जब उनके कर्मचारी खुश और मजबूत होंगे, तभी वे ग्राहकों को सबसे अच्छी सर्विस दे पाएंगे और कंपनी को लंबे समय तक सफल बना पाएंगे।

'इंडिया'ज़ बेस्ट वर्कप्लेसेस™ इन ऑटोमोटिव' उन संगठनों को मान्यता देता है जो ऑटोमोटिव क्षेत्र में लगातार बेहतरीन कर्मचारी अनुभव प्रदान करते हैं। यह उच्च स्तर के भरोसे, समावेशी नेतृत्व और ऐसी कार्यप्रणालियों के जरिए किया जाता है जो व्यक्तिगत और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर उत्कृष्टता को बढ़ावा देती हैं।

ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया के शोध के अनुसार, 'बेस्ट वर्कप्लेसेस™' में शामिल संगठनों को केयरिंग एंड इंस्पायरिंग लीडरशिप के मामले में 89% अधिक स्कोर मिलता है। ये दो ऐसे गुण हैं जो कर्मचारियों के बेहतर जुड़ाव, कंपनी में टिके रहने की इच्छा, मजबूत व्यावसायिक प्रदर्शन और शानदार ग्राहक अनुभव से गहराई से जुड़े हैं। जो संगठन इस व्यवहार को प्राथमिकता देते हैं, वहां उत्पादकता, कर्मचारियों के टिके रहने और ग्राहक सेवा के स्कोर में 14% अधिक सुधार देखा जाता है। 'बेस्ट वर्कप्लेसेस' के लीडर्स यह साबित करते हैं कि जब लोग खुद को मूल्यवान महसूस करते हैं और उनकी बात सुनी जाती है, तो वे काम में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हैं।