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विश्व पर्यावरण दिवस पर एचएसपीसीबी ने चलाया जागरूकता एवं वृक्षारोपण अभियान
फरीदाबाद, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), क्षेत्रीय कार्यालय बल्लभगढ़ द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊंचा गांव, फरीदाबाद में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान तथा पर्यावरण हितैषी कपड़े के थैलों के वितरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में हरीश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी बल्लभगढ़, उज्ज्वल कुमार, एसडीओ, पुनीत पाठक, एसडीओ, सुनील यादव, एसडीओ, विकास हुड्डा, एसडीओ तथा मोनिका, वैज्ञानिक सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उद्योग जगत की ओर से आईएमटी एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत शर्मा, दीपक (आईएमटी) तथा राजेश, स्वामी गुरिया क्रिएशन ने भी सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने तथा स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों को पर्यावरण हितैषी कपड़े के थैले वितरित किए गए तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का संदेश दिया गया।
अपने संबोधन में क्षेत्रीय अधिकारी हरिश कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत तथा प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।