फरीदाबाद में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम, 45 नए ईको वन होंगे विकसित : कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल

- विश्व पर्यावरण दिवस पर सेक्टर-7 और सेक्टर-14 में आयोजित कार्यक्रमों में की घोषणाएं, ऑक्सीजन कॉरिडोर, नए ईको वन, वेस्ट मैनेजमेंट और विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति

- ग्रीन बेल्ट को बनाया जाएगा ऑक्सीजन कॉरिडोर, प्रदूषण नियंत्रण को मिलेगी मजबूती


फरीदाबाद, 05 जून।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फरीदाबाद के सेक्टर-7 एवं सेक्टर-14 में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हरियाणा सरकार के राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायी अभियान है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को विकसित कर वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी समाज को निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के विजन के अनुरूप देशभर में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी सतत विकास, हरित भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

मंत्री विपुल गोयल ने घोषणा करते हुए कहा कि फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में आगामी 15 दिनों के भीतर 45 नए ईको वन विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7, 8, 9, 10, 11 और 14 सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए ईको वनों की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पहले से विकसित 15 ईको वन सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या 100 से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि ईको वन केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, तापमान संतुलन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन हरित क्षेत्रों से पक्षियों का प्राकृतिक आवास विकसित होता है तथा शहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन को नई मजबूती मिलती है। फरीदाबाद आज इस दिशा में एक मॉडल शहर के रूप में उभर रहा है, जहां औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि सेक्टर-4 से सेक्टर-7 तक फैली ग्रीन बेल्ट को विकसित कर एक विशाल ऑक्सीजन कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा। यह परियोजना न केवल शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने का कार्य करेगी बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने समाजसेवियों, उद्योगपतियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से ईको वन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान स्थायी और सफल बनते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण अभियान की सबसे मजबूत आधारशिला है और यदि युवा एक पौधा लगाने के साथ-साथ उसके संरक्षण का संकल्प लें तो हरियाणा का पर्यावरण और अधिक समृद्ध एवं संतुलित बन सकता है।

कार्यक्रम के दौरान वेस्ट मैनेजमेंट पार्क का उद्घाटन एवं विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। वेस्ट मैनेजमेंट पार्क जैसी पहलें “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील नागरिकों का निर्माण शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। बच्चों और युवाओं में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना दीर्घकालिक समाधान है।

विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि सेक्टर-14 के सामुदायिक केंद्र के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-14 मार्केट के सौंदर्यीकरण एवं उन्नयन के लिए लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। सेंट्रल पार्क में एस्ट्रोटर्फ, ओपन जिम तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जलभराव की समस्या में लगभग 90 प्रतिशत तक सुधार देखने को मिलेगा। यदि कहीं कोई समस्या शेष रहती है तो संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फरीदाबाद के विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए करोड़ों रुपये की नई परियोजनाएं भी शीघ्र धरातल पर उतरेंगी।

मंत्री विपुल गोयल ने सेक्टर-14 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की नवगठित टीम तथा विशेष रूप से महिला पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलने पर वे समर्पण, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ उत्कृष्ट परिणाम प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने क्षेत्र के विकास और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने वाली महिला प्रतिनिधियों एवं आरडब्ल्यूए सदस्यों को बधाई दी।

उन्होंने अंत में कहा कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। हम सभी को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा बचत और अधिकाधिक वृक्षारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही फरीदाबाद को स्वच्छ, हरित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सकता है।

इस दौरान सचिन शर्मा, मुकेश अग्रवाल, शैफाली सिंघला, करण सिंघल, ज्योति शैलानी, कुलदीप साहनी, जसवंत सैनी, प्रियंका बिष्ट बुधानी, अजीत नंबरदार, रूमा नंबरदार, विष्णु गुप्ता, बासुदेव अरोड़ा एवं वजीर सिंह डागर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और पर्यावरण संरक्षण एवं हरित फरीदाबाद के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।