
एसआईआर-2026 की सफलता के लिए बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन अधिकारी पूर्ण गंभीरता एवं पारदर्शिता से करें कार्य : मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास
- सभी अधिकारी एवं बीएलओ निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी जिम्मेदारी से निभाएं दायित्व : डीसी आयुष सिन्हा
- एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सतत निगरानी और जन जागरूकता पर विशेष जोर
- एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण एवं संग्रहण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करें अधिकारी
फरीदाबाद, 11 जून।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026) अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूर्णतः शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, एईआरओ एवं ईआरओ पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आज लघु सचिवालय के सभाग्रा कक्ष में आयोजित एसआईआर-2026 की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा, सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), अतिरिक्त एईआरओ तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि 15 जून से प्रारंभ होने वाले घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान बीएलओ प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचकर एन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां उपलब्ध कराएं तथा निर्धारित समयावधि में फॉर्म वापस प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एक माह की विशेष कवायद का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं की मैपिंग प्रतिशतता बढ़ाना तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है अथवा जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां (लॉजिकल एनोमली) पाई गई हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीनिवास ने कहा कि बीएलओ केवल फॉर्म वितरित और प्राप्त करेंगे। घर-घर सर्वेक्षण के दौरान किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज अथवा प्रमाण पत्र एकत्र नहीं किए जाएंगे। यदि कोई मतदाता ऑनलाइन माध्यम से एन्यूमरेशन फॉर्म भरना चाहता है तो उसके लिए भी सुविधा उपलब्ध है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन के बाद भी बीएलओ द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। समीक्षा बैठक में राजनीतिक दलों की सहभागिता की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-1 एवं बीएलए-2 के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के साथ बैठकें आयोजित कर एसआईआर अभियान के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जनसंपर्क गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने जिला स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर एवं हेल्प डेस्क की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाताओं से प्राप्त प्रत्येक शिकायत एवं कॉल का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों को समय पर प्रतिक्रिया मिलना निर्वाचन तंत्र की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म और बीएलओ एप अत्यंत प्रभावी उपकरण हैं तथा इनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएलओ की दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा करें तथा क्षेत्रीय स्तर पर सतत पर्यवेक्षण बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में निगरानी और फील्ड सुपरविजन सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।
बैठक के दौरान मतदाता सूची में मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने, प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन), एन्यूमरेशन फॉर्म की उपलब्धता, फॉर्म-6, 7 एवं 8 के वितरण तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई। श्रीनिवासन ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, वहां आवश्यकतानुसार युक्तिकरण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर अभियान के दौरान प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा बीएलओ की दैनिक प्रगति पर निरंतर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में टीम वर्क और सतत पर्यवेक्षण ही सफलता का आधार है। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा बीएलओ को प्रक्रिया से संबंधित कोई भी शंका या तकनीकी समस्या आती है तो उसे तुरंत संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के साथ निर्धारित बैठकें समय पर आयोजित की जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि एसआईआर अभियान से संबंधित जानकारी आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म भरने, उसे समय पर जमा कराने तथा निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अभियान के विभिन्न चरणों के दौरान फील्ड स्तर पर अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जाएंगे तथा कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा लगातार जारी रहेगी। सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, ताकि फरीदाबाद जिले में एसआईआर-2026 अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।
समीक्षा बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, सीईओ जिला परिषद शिखा, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद डॉ हनी बंसल, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, एचएचवीपी स्टेट अधिकारी नवीन कुमार, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।