ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण अभियान को गंभीरता से लें अधिकारी : डीसी आयुष सिन्हा
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ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण अभियान को गंभीरता से लें अधिकारी : डीसी आयुष सिन्हा
- ऐतिहासिक दस्तावेजों की जानकारी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए दे आमजन
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पांडुलिपियों और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण को लेकर की समीक्षा बैठक
फरीदाबाद, 25 मई। हरियाणा सरकार में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने निर्देश दिए कि जिले में ऐतिहासिक महत्व के पुराने दस्तावेजों, पांडुलिपियों, हस्तलिखित अभिलेखों तथा पारंपरिक रिकॉर्ड के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज सभी जिला उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर समीक्षा बैठक की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीसी आयुष सिन्हा जानकारी दी गई कि जिले में लगभग 160 सर्वेयर्स की टीम इस कार्य में लगी हुई है तथा ब्लॉक एवं जिला स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित कर कार्य की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई गांवों से पुराने दस्तावेज एवं पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिन्हें पोर्टल पर अपलोड भी किया गया है। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पुराने पत्राचार, पंचायत कार्यवाही पुस्तिकाएं तथा अन्य अभिलेख भी प्रशासन को प्राप्त हुए हैं।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक दस्तावेजों, पांडुलिपियों एवं पुराने अभिलेखों के संरक्षण को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण क्षेत्रों, पुराने विद्यालयों, पंचायत भवनों तथा पारंपरिक संस्थानों में दशकों पुराने हस्तलिखित रिकॉर्ड, कार्यवाही रजिस्टर, स्कूल नोटबुक, पंचायत कार्यवाही पुस्तिकाएं, ऐतिहासिक पत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित मिल जाते हैं, जिनका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों एवं सर्वेयर्स को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर ऐसे रिकॉर्ड की पहचान करें तथा उन्हें निर्धारित पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करवाएं।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल्द से जल्द सभी संबंधित विभाग, पंचायतें, विद्यालय एवं अन्य संस्थाएं अपने पास उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड की सूची तैयार कर उन्हें अपलोड करने की प्रक्रिया पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का 40 से 50 वर्ष पुराना हस्तलिखित रिकॉर्ड, विद्यालयी दस्तावेज, पंचायत रिकॉर्ड अथवा ऐतिहासिक महत्व का लेखन भी उपयोगी माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी इस कार्य को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि जिले की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने का अभियान समझकर गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, सीईओ जिला परिषद शिखा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि व शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।