न बाल विवाह करें, न होने दें, समाज को करें जागरूक : डीसी

- डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में सीही सर्किल और बल्लभगढ़ जोन में बाल विवाह विरोधी अभियान संपन्न


फरीदाबाद, 08 अप्रैल।
भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आज उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज सीही सर्किल और बल्लभगढ़ जोन सहित अन्य इलाकों में बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर समस्त आमजन से अपील की है कि बाल विवाह करना एवं कराना कानूनन अपराध है। बाल विवाह निषेध के प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह पूर्णतः अवैध है। इस प्रकार के किसी भी विवाह में शामिल होने वाले—चाहे वे माता-पिता हों, रिश्तेदार हों अथवा आयोजक—सभी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 2 वर्ष तक का कारावास, या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों दंड का प्रावधान है। अतः सभी नागरिकों से अपील है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग करें, कानून का पालन सुनिश्चित करें तथा यदि कहीं इस प्रकार की घटना की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित प्रशासन या अधिकारी को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिले, तो तुरंत उसे रोकने का प्रयास करें और निकटतम पुलिस थाने या चौकी को सूचित करें। इसके अलावा पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।