
दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ आगे आए समाज: डीसी आयुष सिन्हा
- एनआईटी-2 और सुनपेड़ में दहेज निषेध व घरेलू हिंसा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
फरीदाबाद, 27 अप्रैल। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के उन्मूलन के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है और विभिन्न स्तरों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि एक सुरक्षित और समानता पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सके।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि आज एनआईटी-2 ब्लॉक तथा गांव सुनपेड़ में दहेज निषेध अधिनियम के संबंध में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही घरेलू हिंसा के विषय पर भी विस्तृत जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और स्थानीय निवासियों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया और इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया। साथ ही घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि पीड़ित महिलाएं समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग जागरूक होकर गलत प्रथाओं का विरोध कर सकें। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और प्रशासन का सहयोग करें।