1100 महिलाओं ने कलश यात्राद्वारा श्रीमद् देवी भागवत कथा का क्षेत्र वासियों को निमंत्रण दिया
New Delhi News : रोहिणी, दिल्ली में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा का शुभारंभ मंगलमय कलश यात्रा से हुआ। इस कलश यात्रा में 1100 सौभाग्यवती महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर देवी माँ के पवित्र नाम का जयघोष करते हुए क्षेत्रवासियों को कथा का निमंत्रण दिया। नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और वातावरण भक्ति एवं श्रद्धा से परिपूर्ण हो उठा।
यह भव्य आयोजन 8 से 14 अप्रैल 2026 तक कृष्णा गार्डन, सेक्टर 17, रोहिणी में प्रतिदिन सांय 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक होगा। कथा वाचन दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या, कथा व्यास साध्वी अदिति भारती जी करेंगी।
स्वामी तेजोमयानंद जी ने कलश की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शास्त्रों में कलश को देवताओं का निवास स्थान माना गया है। कलश में आम के पत्ते रखे जाते हैं क्योंकि आम का वृक्ष फलदायी और सदाबहार होता है। ठीक उसी प्रकार प्रभु की कथा भी युगों से चली आ रही है और मानवता को फल प्रदान करती रही है। श्रीमद् देवी भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है, जो जीवन को दिव्यता और ज्ञान से आलोकित करता है।
कथा स्थल "जय जय माँ" के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। ब्रह्मज्ञान से दीक्षित जागृत आत्माओं की लंबी कतारें इस आयोजन की दिव्यता को और बढ़ा रही थीं। सात दिवसीय कथा में शास्त्र संवत पुराणों में वर्णित ईश्वर दर्शन की दिव्य तकनीक का विस्तारपूर्वक वर्णन किया जाएगा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने, जीवन को पवित्रता से भरने और ईश्वर के सान्निध्य का अनुभव कराने का अद्वितीय अवसर है।