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सीजेएम रितू यादव ने बंदियों को कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों से कराया अवगत
फरीदाबाद, 25 मार्च।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा “न्याय और सम्मान” परियोजना के अंतर्गत जिला कारागार नीमका, फरीदाबाद में महिला बंदियों के लिए एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, डीएलएसए संदीप गर्ग के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं पर्यवेक्षण मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रितु यादव की उपस्थिति में, कारागार विभाग के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर महिला बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, पैरोल एवं फरलो से संबंधित प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया तथा उन्हें इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
सीजेएम रीतू यादव ने महिला बंदियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता के लिए बुनाई (निटिंग), ब्यूटी पार्लर कोर्स, बेकरी कोर्स आदि प्रशिक्षण उपलब्ध हैं। साथ ही, अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी (UTRC) के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि यह अभियान महिला बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दी गई जानकारी में गहरी रुचि दिखाई।